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सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती:भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जुड़ेंगे भारत व नेपाल, मां जानकी से जुड़े धार्मिक स्थानों का होगा जुड़ाव

मधुबनीएक महीने पहलेलेखक: राजेश सिंह
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मां जानकी से जुड़े धार्मिक स्थानों का होगा जुड़ाव सीधा लाभ दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, सीतामढ़ी, मोतिहारी व शिवहर जिले के लोगों को मिलने वाला है। - Dainik Bhaskar
मां जानकी से जुड़े धार्मिक स्थानों का होगा जुड़ाव सीधा लाभ दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, सीतामढ़ी, मोतिहारी व शिवहर जिले के लोगों को मिलने वाला है।
  • सड़क के बनने से सड़क जाम सहित अन्य समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाएगा

अब शीघ्र ही भारत-नेपाल की सांस्कृतिक संबंधों की दूरी कम होने वाली है। कारण भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले नई एनएच सड़क से एक दिन में लोग बिना थके व बिना रुके अपने सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत कर सकते हैं। खासकर इसका सीधा लाभ दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, सीतामढ़ी, मोतिहारी व शिवहर जिले के लोगों को मिलने वाला है। भारत माला प्रोजेक्ट के पैकेज 1 के सेक्शन 1 व 2 इसी की मुख्य कड़ी है। जिले के लोगों को माता सीता से जुड़ी अधिकांश धार्मिक स्थानों का जुड़ाव भी इस सड़क के माध्यम से सीधी तौर पर हो जाएगा।

अब उन्हें जनकपुर व पुनौरा धाम की यात्रा के लिए अधिक मशक्कत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही 2 लेन सड़क होने के कारण उन्हें ट्रैफिक, सड़क जाम सहित अन्य समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाएगा। जबकि भारत-नेपाल सीमा को क्रोस करती एनएच 104 के उमगांव व साहरघाट से सेक्शन 1 व 2 की सड़क प्रारंभ होकर कलुआही व रहिका में आकर समाप्त होगी। वहीं इन स्थानों पर इन सड़कों का सीधा जुड़ाव जिला मुख्यालय के अतिरिक्त दरभंगा व जयनगर जाने वाली सड़क के साथ किया गया है।

सेक्शन 1 के तहत बनने वाले सड़क से इन गांवों की बदलेगी तकदीर
पैकेज 1 के सेक्शन 1 के तहत हटवरिया, उमगांव - बासोपट्टी - मलमल बायपास - कलुआही सड़क से कुल 14 गांव की तस्वीर बदल जाएगी। इस सड़क के बनने के बाद ये विकास की मुख्य धारा से सीधी तौर पर जुड़ जाएंगे। साथ ही इन क्षेत्रों के लोगों के लिए नए-नए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। वर्तमान में एनएच निर्माण के लिए हरलाखी अंचल के 7, बासोपट्टी अंचल के 4, खजौली अंचल के 2 व बेनीपट्टी अंचल के 1 गांव का 67.4

हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें हरलाखी अंचल के हटवरिया, महादेवपट्टी, उमगांव, मांगपट्टी, मोहनपुर, बिटुहर, कलना, बासोपट्टी अंचल के बासोपट्टी, हत्थापुर, मनमोहन, आरधावा खजौली अंचल के मलमल व हरपुर व बेनीपट्टी अंचल के ढंगा में जमीन अधिग्रहण की प्रकिया चल रही है।

सेक्शन 2 के तहत बननेवाली सड़क से ये गांव होंगे सीधे प्रभावित साहरघाट- उच्चैठ स्थान - बेनीपट्टी बायपास - रहिका सड़क से 20 गांव सीधे रूप से प्रभावित हो रहे हैं। जिसमें मधवापुर अंचल के साहर, बसबरिया, लोमा, सलेमपुर, बेनीपट्टी अंचल के देउरी, धनौजी, उच्चैठ, जगत, बेनीपट्टी, बहेटा, परसोना, धकजरी, एरूआ, परकौली टिकुली, अरेर, बेजलपुर व हसनपुर, रहिका अंचल श्री रामपुर, सतलखा, ताला लासाकर गांव शामिल है।

वर्तमान में इन गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि 23 ए गजट का प्रकाशन कर दिया गया है। साथ ही 6 सदस्यीय जांच कमिटी की ओर से जमीन की किस्मों संबंधित सूची भी तैयार कर ली गई है शीघ्र ही इसका 3 डी गजट का प्रकाशन कर मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

सड़कों के बनने से जिला मुख्यालय आने वाले लोगों को सहूलियत होगी
इन सड़कों के बनने के बाद खासकर रहिका व कलुआही दोनों ही स्थानों से जिला मुख्यालय आने वाले लोगों को सहूलियत होगी। हटवरिया उमगांव से बासोपट्टी बायपास व मलमल बायपास होकर आनेवाली सड़क कलुआही में एनएच 527 बी में आकर समाप्त होगी। जबकि साहरघाट से उच्चैठ स्थान होते हुए बेनीपट्टी बायपास आनेवाली सड़क रहिका में 527 ए में आकर मिलेगी। वहीं चकिया से नरहिया तक बन रही एनएच 104 का सीधा कनेक्शन नरहिया में एनएच 57 के साथ ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से किया गया है। जिससे गुवाहाटी, कोलकाता व दिल्ली तक जाने का रास्ता सुलभ हो जाएगा।