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नारेबाजी की गई:एलआईसी अभिकर्ताओं ने 15 सूत्री मांगों के समर्थन में किया कार्य का बहिष्कार

मधुबनीएक महीने पहले
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कार्य बहिष्कार कार्यक्रम में शामिल एलआईसी अभिकर्ता। - Dainik Bhaskar
कार्य बहिष्कार कार्यक्रम में शामिल एलआईसी अभिकर्ता।
  • 28 जून तक अभिकर्ता कार्य का बहिष्कार कर जताएंगे अाक्राेश

झंझारपुर शाखा से जुड़े 1200 अभिकर्ताओं ने अपने 15 सूत्री मांगों को लेकर बीमा कार्य का बहिष्कार किया है। आगामी 28 जून तक अभिकर्ता कार्य का बहिष्कार कर विश्राम पर चले गए हैं। वहीं, अपने हक अाैर सम्मान के लिए झंझारपुर शाखा के ठीक सामने टेंट लगाकर दर्जनों अभिकर्ताओं ने अपने कार्य का बहिष्कार किया और विश्राम के तौर पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी करते रहे। एलआईसी अभिकर्ताओं ने बताया कि करोना काल में न ही बीमा धारकों को ही एलआईसी में कोई रियायत या राहत दी गई है और न ही एलआईसी से जुड़े अभिकर्ताओं को ही कोई मदद ही दी गई है।

संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा सरकार से लेकर वरीय अधिकारियों तक कई बार आवेदन के द्वारा पत्राचार किया जा चुका है लेकिन मांग पूरी नहीं हुई। मजबूरी में संगठन को आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने कहा कि गूंगी और बहरी हाे चुकी सरकार मांगाें को पूरा करने में पूरी तरह से विफल रही है। वहीं, लियाफी के संयुक्त सचिव विनोद कुमार झा ने कहा कि 28 तारीख तक अगर मांग पूरी नहीं हुई तो आगामी 30 जून तक के लिए यह विश्राम कार्यक्रम और बढ़ा दिया जाएगा। अगर 30 जून तक भी मांगें पूरी नहीं की गई तो यह विश्राम आगे भी जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर इस विश्राम को बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा। झंझारपुर शाखा संघ के अध्यक्ष यदुनाथ महतो ने कहा कि मांग सिर्फ अभिकर्ताओं की ही नहीं है। बीमाधारकों को ना ही लोन में ब्याज दर की कमी की गई है और ना ही नए बीमा में ही अधिक ब्याज दिया जा रहा है जिससे बीमाधारकों के बीच अभिकर्ताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। संघ के सचिव ललन कुमार मंडल ने कहा कि अभिकर्ताओं ने इस कोरोना काल में भी नई-नई पॉलिसी एलआईसी को दी है। लेकिन एलआईसी अभिकर्ताओं के लिए सरकार के पास कोई सोच नहीं है जिसका खामियाजा एलआईसी को भी भुगतना पड़ेगा।

अगर अभिकर्ताओं की मांग पूरी नहीं हुई तो विश्राम कार्यक्रम अनिश्चितकालीन चलता रहेगा जिससे कार्य बाधित रहेगा और इसका खामियाजा सभी काे भुगतना पड़ेगा। उन्हाेंने सरकार से अभिकर्ताअाें के मांगाें पर विचार कर उसे पूरा करने की अपील की है। इस कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष नित्यानंद राउत, संयुक्त सचिव देवेंद्र महतो, उपाध्यक्ष मायानंद झा, जानकी झा, राम सागर राउत, अमरेंद्र किशोर अनिल, वैद्यनाथ राय, शिवकुमार प्रसाद, रामचंद्र चौधरी, धर्म नारायण यादव, राजेश कुमार चौधरी, संजय कुमार झा, यदुवीर मंडल, रंजन कुमार, श्वेता कर्ण आदि मौजूद थे।

एलआईसी अभिकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में दिया धरना

स्थानीय एलआईसी कार्यालय के अभिकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को तीसरे दिन भी काम बहिष्कार किया। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व अध्यक्षता लाइफ इंश्योरेंस एजेंट फेडरेशन के शाखा अध्यक्ष अश्विनी कुमार झा कर रहे है।धरना-प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य अभिकर्ता विश्राम दिवस को सफल बनाने व अपनी अन्य मांगे मनवाना है। शाखा संघ के सचिव मनोज मिश्र ने कहा कि 16 जून से 30 जून तक संपूर्ण देश में निगम की ओर से अभिकर्ता के उपेक्षा के विरुद्ध अभिकर्ता विश्राम दिवस का आयोजन किया गया है।

साथ ही उन्होंने कहा कि एलआईसी का सेवा करते हुए पूरे देश में हजारों अभिकर्ताओं की करोना के कारण मौत हो गई है। लेकिन निगम प्रबंधन ने मृत अभिकर्ता के आश्रितों को जीवन यापन के लिए किसी तरह के सहयोग पर विचार नहीं किया। इसलिए हम सभी यह मांग करते है कि मृत अभिकर्ताओं के आश्रितों को जीवन यापन के लिए एक करोड़ रूपए व पेंशन के रूप में प्रतिमाह 10 हजार रूपए दिया जाए। बीमा धारकों के कोरानाकाल का प्रीमियम व ॠण पर विलंब शुल्क माप किए जाने, समुह बीमा 25 लाख से 50 लाख दुर्घटना बीमा सहित कोविड एडवांस सहित अपने 20 सूत्री मांगों को मनवाने को लेकर यह विश्राम दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मौके पर उपस्थित लोगों को संध के कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह, राजेश रंजन,अमीर मिश्र, टेकनाथ पाठक, रविन्द्र कुमार झा, श्रवण कुमार झा, अजय कुमार मिश्र, अशोक ठाकुर, राजेश झा, मदन मोहन मिश्र आदि ने संबोधित किया।

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