पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

शोक:स्वचालित कविगोष्ठी के सदस्यों ने निधन पर शोक जताया

मधुबनीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

स्वचालित कविगोष्ठी की ओर से शुक्रवार को प्रख्यात बिहार गौरव गान की लेखिका, साहित्यकार व गायिका पद्मश्री डाॅ. शांति जैन, मशहूर साहित्यकार-चित्रकार प्रभु जोशी व मिथिला भान पद्मश्री वैज्ञानिक मानस बिहारी वर्मा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त किया गया। शोक व्यक्त करते हुए स्वचालित कविगोष्ठी मधुबनी के संयोजक भाषाविद् प्रो. जेपी. सिंह ने कहा कि शांति जैन को 1983 में पहली पुस्तक चैती के लिए राजभाषा सम्मान मिला। प्रभु जोशी मशहूर साहित्यकार और चित्रकार थे। महान वैज्ञानिक मानस बिहारी वर्मा अपनी कीर्तिमान के लिए युगों-युगों तक याद किये जाएंगे।

सह-संयोजक उदय जायसवाल ने कहा कि डाॅ. शांति जैन बहुमुखी प्रतिभा की धनी थी, साहित्यकार-चित्रकार प्रभु जोशी अखिल भारतीय सम्मान से सम्मानित तथा मानस बिहारी वर्मा डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम के अभिन्न मित्र और तेजस विमान डिजाइन प्रोग्राम डाइरेक्टर थे। इनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। तो प्रो. नरेन्द्र निराला ने कहा कि डाॅ. शांति जैन एचडी जैन काॅलेज, आरा में संस्कृत विभागाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त थी, प्रभु जोशी भारत भवन चित्रकला के लिए जाने जाते रहेंगे और मानस बिहारी वर्मा राष्ट्र के प्रति समर्पित वैज्ञानिक थे।

डाॅ. शुभ कुमार वर्णवाल ने कहा कि डाॅ. शांति जैन 1997 में ‘’’’बिहार गौरव गान’’’’ की रचना की। वे रचनात्मक जगत में वे सदा आदरणीया रहेंगी, कथा-कहानी के क्षेत्र व चित्रकला में प्रभु जोशी सदा याद किये जायेंगे और मिथिला विभूति भारतीय वैमानिकी वैज्ञानिक पद्मश्री मानस बिहारी वर्मा तेजस निर्माण में अपनी भूमिका के लिए सदा अमर रहेंगे। इनके अतिरिक्त इन महान विभूतियों के प्रति शोक संवेदना प्रेषित करने वालों में भोलानंद झा, रामेश्वर निशांत, दयानंद झा, चन्द्रपति विजय, डाॅ. विनय विश्वबंधु, डाॅ. बंशीधर मिश्र, डाॅ. संजीव शमा, डाॅ. अनिल ठाकुर, डाॅ. बिजय शंकर पासवान, पं. प्रजापति ठाकुर, दिलीप कुमार झा, अजीत आजाद, सतीश साजन, धर्मेन्द्र भाई, प्रीतम निषाद, राजेश पाण्डेय, सुनील कुमार झा, दया शंकर मिथिलांचलि आदि शामिल है।

खबरें और भी हैं...