चुनाव का परिणाम:जयनगर व बिस्फी की 31 पंचायतों में से 25 में नए चेहरे, 6 निवर्तमान मुखिया की वापसी

मधुबनीएक महीने पहले
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मतगणना केंद्र के अंदर प्रत्याशी व मतगणना एजेंटों की भीड़। इस कारण अफरातफरी का माहौल रहा। - Dainik Bhaskar
मतगणना केंद्र के अंदर प्रत्याशी व मतगणना एजेंटों की भीड़। इस कारण अफरातफरी का माहौल रहा।
  • अंतिम चरण में भी लोगों ने नए चेहरों पर जताया विश्वास

मंगलवार को मुख्यालय स्थित आरके कॉलेज में ग्यारहवें व अंतिम चरण में जयनगर व बिस्फी में संपन्न हुए मतदान की मतगणना कार्य कड़ी प्रशासनिक निगरानी में संपन्न हुआ। मंगलवार को देर शाम तक घोषित 31 पंचायतों के आए परिणामों में 25 पंचायतों में नए चेहरों को जनता ने अवसर दिया है जबकि छह पंचायतों में निवर्तमान मुखिया की वापसी हुई है। जयनगर में 15 पंचायतों में सामने आए परिणाम में 11 पंचायतों में नए चेहरे ने जीत हासिल की है। जबकि उक्त प्रखंड से 4 निवर्तमान मुखिया ने अपनी कुर्सी बचाने में कामयाबी हासिल की है।

वहीं बिस्फी प्रखंड की 28 पंचायतों में से मंगलवार को घोषित परिणाम में 16 पंचायतों में से 14 पंचायतों में नए चेहरे ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वहीं, जयनगर प्रखंड के जिला परिषद क्षेत्र संख्या 16 से अंजली कुमारी, क्षेत्र संख्या 17 से अनिता देवी विजयी घोषित की गई हैं। बिस्फी के क्षेत्र संख्या 10 से मेहजवी खातून, क्षेत्र संख्या 11 से आब्दा खातून, क्षेत्र संख्या 12 से मोहम्मद ताजुद्दिन और क्षेत्र संख्या 13 से अनीता कुमारी ने जीत हासिल की है।

मुखिया के पद पर चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों को तत्काल प्रमाण-पत्र दिया गया

मतगणना प्रारंभ होने के समय से कई घंटा पूर्व से ही मतगणना स्थल के आसपास प्रत्याशी व उनके ओर से प्राधिकृत किए मतगणना एजेंटो की लंबी लाइन लगी रही। प्रत्याशियों के मतगणना एजेंटों को गिनती के क्रम की जानकारी नहीं हो पाने के कारण केंद्र में जाने के अलावे अंदर भी इसके कारण परेशान होना पड़ा। मतगणना प्रारंभ होने के बाद सभी परिणाम की प्रतीक्षा करते रहे। दोनों प्रखंडों के विजयी मुखिया प्रतयाशियों को ऑन द स्पॉट सर्टिफिकेट दिया गया। हालांकि इसके लिए भी विजयी प्रत्याशियों को काफी अधिक फजीहत झेलनी पड़ी। वहीं अन्य पदों के विजयी प्रत्याशियों को प्रखंड स्तर से ही प्रमाण पत्र दिए जाने की जानकारी दी गई। जिले में 10 चरण का मतगणना कार्य संपन्न किए जाने के बाद भी प्रशासनिक व्यवस्था पटरी पर लौटती नजर नहीं आई। परिणाम को सार्वजनिक किए जाने के मामले में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की गतिविधी में सुधार नहीं हुआ।

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