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अच्छी पहल:कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन दूध पिलाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ

मधुबनी11 दिन पहले
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कुपोषण के संबंध में जानकारी देते कर्मी। - Dainik Bhaskar
कुपोषण के संबंध में जानकारी देते कर्मी।
  • प्रोजेक्ट के तहत 6 महीने से 5 वर्ष तक के उम्र वाले चिह्नित 85 बच्चों को दिया जा रहा प्रतिदिन 150 एमएल दूध

मानव विकास संस्थान खैरी की ओर से राष्ट्रीय पोषण सप्ताह कार्यक्रम के तहत बच्चों के लिए शिक्षा पूर्व बाल पोषण दुग्ध परियोजना कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जीव दया फाउंडेशन के सहयोग से कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन दूध पिलाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ लखनौर प्रखंड के लेलिन नगर में किया गया। इस प्रोजेक्ट के तहत महादलित मोहल्ले के 6 महीने से 5 वर्ष तक के चिन्हित 85 बच्चों को 150 एमएल दूध प्रतिदिन दिया जाना है। चिन्हित बच्चों को अगले 6 महीने तक यह सुविधाएं दी जाएगी।

शुभारंभ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के सचिव सुनील कुमार मंडल ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का मुख्य उद्देश्य कुपोषण को लेकर आमलोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में किसी भी देश या समाज के लिए कुपोषण सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है। अपने देश भारत की बात करें तो इसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं। सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के लाख प्रयासों के बावजूद यह आंकड़े सोचने के लिए मजबूर करते हैं।

बिहार राज्य की बात करें तो बच्चों की आबादी का लगभग आधा हिस्सा कुपोषित है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2019-20 के अनुसार 5 वर्ष तक के बच्चों में औसत से कम वजन के बच्चों की संख्या 41 प्रतिशत है। उन्होंने इसके कारणों के बारे में बताते हुए कहा कि 40 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियों की शादी कम उम्र में हो जाती है। जागरूकता के अभाव में कम उम्र में मां बनने, समय से टीकाकरण नहीं करवाने, संतुलित आहार नही मिलने आदि कारणों से बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के बंद रहने का प्रतिकूल प्रभाव बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ा है।

इधर कोरोना का तीसरा लहर आने की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है और इसमें अधिक प्रभाव बच्चों पर ही पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी परिस्थिति में गरीब, नि:सहाय परिवारों के बच्चों से कुपोषण खत्म करने के लिए संस्थान निरंतर कार्य कर रही है। बच्चों को कुपोषण से बचाने और कम करने के लिए संस्थान आम लोगो में जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। मौके पर जयंत झा, नीतू सिंह, अमेरिका देवी, चंद्र किशोर राम, राजन कुमार, भरत कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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