सख्ती:609 कोटि के 14 मदरसों के मौलवी शिक्षक और अध्यक्ष के वेतन पर रोक

मधुबनीएक महीने पहले
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निरीक्षण के दौरान चेतना सत्र में बच्चों के साथ डीईओ नसीम अहमद। - Dainik Bhaskar
निरीक्षण के दौरान चेतना सत्र में बच्चों के साथ डीईओ नसीम अहमद।
  • 16 दिसंबर तक अभिलेख जमा करने का आखिरी मौका दिया गया है

जिले के 609 कोटि के मदरसों पर डीईओ नसीम अहमद ने बड़ी कार्रवाई की है। 14 मदरसों के सचिव/ अध्यक्ष/ प्रधान मौलवी के साथ-साथ सभी संबंधित मदरसा शिक्षकों का वेतन स्थगित कर दिया है। मालूम हो कि सदर अनुमंडल के 33 मदरसों (609 कोटि) की जांच की जानी है लेकिन इन 14 मदरसों के द्वारा मदरसे का नाम, जमीन की उपलब्धता सहित अन्य आवश्यक अभिलेख डीईओ को उपलब्ध नहीं करवाई गई है जिस वजह से यह कार्रवाई की गई है। डीईओ नसीम अहमद ने दिसंबर माह का वेतन रोकते हुए संबंधित मदरसों के सचिव/अध्यक्ष/ प्रधान मौलवी को लिखा है कि विभागीय निर्देश के आलोक में जिले के 609 कोटि के मदरसों की जांच के लिए अनुमंडलवार सभी आवश्यक अभिलेख फोटोग्राफ उपलब्ध करवाने को कहा गया था।

अधिकांश मदरसों की ओर से अभिलेख दे दिया गया लेकिन इन 14 मदरसों के द्वारा अभिलेख उपलब्ध नहीं करवाने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार के द्वारा निर्धारित मानक का पालन नहीं करते हुए मदरसे का संचालन किया जा रहा है। डीईओ ने कहा है कि अगर 16 दिसंबर तक संबंधित अभिलेख प्राप्त नहीं होगा तो अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एक दूसरे मामले में निरीक्षण के दौरान सोमवार को अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों व प्रधानाध्यापक के मामले में डीईओ नसीम अहमद ने बेनीपट्टी व बिस्फी बीईओ से भी स्पष्टीकरण की मांग की है कि आखिर उनके क्षेत्र में इस तरह से कैसे स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही निरीक्षण के दौरान अगर आगे से भी इस तरह का मामला पाया जाता है तो संबंधित प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों के साथ-साथ बीईओ का भी वेतन काटने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।

अब तक 50 से अधिक शिक्षकों पर कार्रवाई की जा चुकी है

डीईओ ने कहा कि बीईओ की भी यह जवाबदेही है कि उनके प्रखंड में विद्यालय नियमित रूप से चले व शिक्षक समय से विद्यालय में पहुंचे। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीईओ ने कहा कि जिन प्रखंडों में स्कूलों की स्थिति अगर नहीं सुधरती है तो संबंधित शिक्षकों का सामंजन दूसरे विद्यालयों में करने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। संबंधित बीईओ को 15 दिसंबर के बाद नियमित रूप से निरीक्षण करने को कहा है। मालूम हो कि हाल के दिनों में अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले 50 से अधिक शिक्षकों पर डीईओ नसीम अहमद ने कार्रवाई की है। आम लोग भी इसकी सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए यह निरीक्षण जरूरी है क्योंकि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर तो आए दिन धरना-प्रदर्शन करते हैं लेकिन शिक्षक संघों को भी चाहिए कि अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई करें। वहीं, मंगलवार को उन्होंने गंगासागर स्थित एक विद्यालय का निरीक्षण किया जहां वे बच्चों के साथ चेतना सत्र में भी शामिल हुए।

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