घंटों लाइन में लगकर दिए सैंपल का हस्र देखिए:RT-PCR लैब में भेजे जाने वाले सैंपल को डीप फ्रीजर में रखने के बजाए छोड़ दिया जाता है जमीन पर

मधुबनी9 महीने पहले
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मधुबनी सदर अस्पताल में जैसे-तैसे रखे गए सैंपल। - Dainik Bhaskar
मधुबनी सदर अस्पताल में जैसे-तैसे रखे गए सैंपल।

मधुबनी सदर अस्पताल में RT-PCR लैब में भेजे जाने वाला सैंपल डीप फ्रीजर की जगह जमीन पर बेतरतीब ढंग से रखा जा रहा है, जिस कारण इस सैंपल की जांच के रिपोर्ट पर भी सवालिया निशान लगने शुरू हो गए हैं। एक्सपर्ट की मानें तो सैंपल टेस्टिंग अगर दो से चार दिन के भीतर किए गए तो उसे 4 से आठ डिग्री के तापमान पर रखा जा सकता है। वहीं इसे ज्यादा दिनों तक रखना है तो डीप फ्रीजर में रखा जाना चाहिए, जहां तापमान माइनस में हो।

हफ्तों से पड़े हुए हैं सैंपल
सदर अस्पताल के फ्लू कॉर्नर के कक्ष में सैंपलों को बेतरतीब ढंग से इसे रखा जा रहा है। डीप फ्रीजर और AC तो दूर की बात, जहां यह सैंपल रखा गया है, वहां पंखा की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। साथ ही कई स्वास्थयकर्मियों का कहना है कि यहां नियमित रूप से सफाई भी नहीं होती है। कई सैंपल 14 अप्रैल के भी हैं तो कुछ 10 अप्रैल के भी यहां वैसे ही बिना मानक के रखे गए हैं, जबकि विभागीय निर्देश है कि 24 घंटे में RT-PCR की जांच रिपोर्ट देनी है।

सदर अस्पताल के फ्लू कॉर्नर में जो जांच होती है, उसे मधुबनी मेडिकल कॉलेज (निजी) स्थित RT-PCR लैब भेजा जाता है, लेकिन स्वास्थयकर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार वहां कुछ लैब टेक्निशियन के संक्रमित हो जाने के कारण 27 अप्रैल से सैंपल नहीं लिया जा रहा है। वहीं अन्य प्रखंडों का सैंपल पटना भेजा जाता है।

जिम्मेदार से पूछने पर देते हैं गोलमोल जवाब
मालूम हो कि कुछ दिन पूर्व ही कई प्रखंडों से खराब व बिना निबंधन के ही सैंपल भेज दिए गए थे, जिसे वापस किया गया था, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है क्या ये वैसे लोगों के साथ भद्दा मजाक नहीं है, जो घंटो लाइन में लगकर जांच करवाते हैं? इस संबंध में पूछने पर अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद ने बताया कि सैंपल आइस बॉक्स में रखने के लिए सैंपल रखा गया था। उसे आइस बाक्स में रखा जा रहा है। यहां डीप फ्रीजर उपलब्ध नहीं है। वहीं सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने बताया कि इस संबंध में सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक व अस्पताल प्रबंधक से जानकारी ली जा रही है।