पारदर्शिता:दूसरे चरण की काउंसिलिंग की हुई शुरुआत, पारदर्शिता पर रहा फोकस

मधुबनी2 महीने पहले
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  • छह केंद्रों पर दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी

शिक्षक नियोजन के लिए दूसरे चरण के लिए शुरू हुई काउंसिलिंग के पहले दिन कक्षा छह से आठवें वर्ग तक के लिए अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग हुई। जिले के कुल पांच अनुमंडलों के 16 प्रखंडों में प्रखंड शिक्षकों के लिए सामाजिक विज्ञान विषय की काउंसिलिंग हुई। विज्ञान के लिए 60 हजार से अधिक अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग बनाए गये छह अलग-अलग केंद्रों पर हुई। अनुमंडलवार बनाए गए केंद्रों पर इन अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग हुई। जयनगर अनुमंडल के सभी प्रखंड जयनगर, बासेापट्टी व लदनियां के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग रीजनल सेंकेंडरी स्कूल पर हुई।

यहां पर 15 हजार अभ्यर्थियों ने अपनी काउंसिलिंग कराई। 112 रिक्ति के लिए यहां पर काउंसिलिंग हुई। वहीं फुलपरास अनुमंडल के सभी प्रखंड के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग विवेकानंद मिशन विद्यापीठ सहुआ पर की गई। बेनीपट्टी अनुमंडल की काउंसिलिंग पोल स्टार पर हुई। झंझारपुर की मनमोहन प्लस टूउच्च विद्यालय रामपट्टी अेर सदर टू और मधुबनी की डीएनवाई मधुबनी में काउंसिलिंग हुई। हर केंद्रों पर दंडाधिकरी के नेतृत्व में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।

एसडीएम ने भी लिया जायजा
पंडौल में एक अभ्यर्थी प्रशिक्षण का मूल प्रमाण-पत्र लेकर नहीं पहुंची थी जिसके कारण उनकी कांउसिलिंग नहीं की गई। वहीं बासोपट्टी प्रखंड के अभ्यर्थियों का सही तरीके से नियोजन नहीं करने के शिकायत पर त्वरित सदर एसडीओ के साथ डीईओ पहुंचे। सभी समस्याओं का समाधान कर आधे घंटे में पारदर्शी तरीके से शिक्षक नियोजन प्रक्रिया शुरू करवाई। जिला नियंत्रण कक्ष में डीईओ नसीम अहमद के अलावे डॉ. रामसेवक झा, मिथिलेश बिहारी दत्त, कुमारी सुनीता, साजिया कमाल आदि ने नियोजन इकाई से संपर्क स्थापित किया।

नियंत्रण कक्ष से हुआ शिकायतों का निबटारा
काउंसिलिंग के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग की गई और डीइओ नसीम अहमद ने विभिन्न समस्याओं का खुद समाधान कराते रहे। उन्होंने बताया कि हर केंद्र पर काउंटर निर्धारित है। इसलिए किसी अभ्यर्थियों को भटकना नहीं पड़ा। बताया कि छह की देर रात तक कर्मियों ने काम कर सभी काउंटर पर सूचना की विशेष प्रबंध किया, इसका लाभ काउंसिलिंग के दिन सभी को मिला। उन्होंने बताया कि रीजनल सेकेंडरी स्कूल पर अधिक अभ्यर्थी पहुंचे। लेकिन यहां की व्यवस्था विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षा विभाग के सहयोग से काफी बेहतर किया था। ​​​​​​​

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