आयोजन:एकल लधुकथा पाठ का हुआ आयोजन

मधुबनी3 महीने पहले
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मैथिली साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में मैथिली के वरिष्ठ रचनाकार चण्डेश्वर खां का एकल लघ ुकथा पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष प्रो. प्रीतम कुमार निषाद ने की। साहित्यकार दिलीप कुमार झा ने कहा चंडेेश्वर खां मैथिली के वरिष्ठ रचनाकार हैं। उनकी पहली रचना 1983 में मिथिला मिहिर में प्रकाशित हुई। वे निरंतर कथा लिखकर साहित्य को समृद्ध कर रहे हैं। वहीं, चंडेश्वर खां ने कहा कि लघुकथा के माध्यम से संक्षिप्त में अपनी पाठक तक पहुंचा जा सकता है।

उन्होंने एक दर्जन लघुकथा का पाठ किया जिसमे खातिरदारी, जितिया, नाओल्द, माय, सहोदर, फिरिश्त, रोटी, कुमारी भोज, चिन्हास आदि प्रमुख हैं। कथापर टिप्पणी करते हुए डा साहित्यकार ऋषि वशिष्ठ ने कहा कि चण्डेश्वर खां की कथा समाज में व्याप्त विसंगतियो पर प्रहार करता है। वे बड़े ही बारीकी से कथा गढ़ते हैं और उसको जनता के समक्ष पड़ोसते हैं। वरिष्ठ साहित्यकार अजित आजाद ने कहा चंडेश्वर खां वैश्विक दृष्टि के कथाकार हैं। उनकी कथा मैथिली कथा को नई ऊंचाई प्रदान करती हैं। डाॅ. बिभा कुमारी ने कहा कि उनकी कथा समाज के आम लोक से जुड़ी हुई है। समिति के पदाधिकारी आशीष कुमार मिश्र व रेवती रमण झा ने उन्हें अंगवस्त्र और पाग पहनाकर स्वागत किया। संगोष्ठी में प्रो. शुभ कुमार बर्णवाल, महादेव मिश्र, सत्येन्द्र कुमार, डाॅ. विनय विश्बन्धु, नबोनाथ झा, डाॅ. सोनू कुमार झा आदि थे।

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