पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

किसानों को होगा फायदा:लीफ वेबर का छिड़काव करने से पेड़-पौधों में नहीं लगेगा कीट, टीम ने बताए दवा छिड़कने के तरीके

मधुबनी10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • मधुबनी, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में कीट का अधिक प्रकोप

जिला के किसानों को आम की फसल में फेलने वाले लीफ वेबर कीट की वृद्धि के रोकथाम के लिए सहायक निदेशक पौधा संरक्षण, मधुबनी की ओर से जागरूक किया गया। आम की फसल में लीफ वेबर कीट की का प्रकोप बिहार राज्य के मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर सहित कई अन्य जिलों में देखा जा रहा है। इस कीट का प्रकोप पण्डौल, रहिका, राजनगर व बेनीपट्टी में मुख्य रूप से देखा गया है। यह कीट आम की फसल का क्षतिकारक कीट है जो जुलाई से दिसंबर माह तक सक्रिय रहता है।

यह कीट समूह में पतियों व मुलायम टहनियों को मिलाकर जाला के सहारे अपना घर बनाते है। इस कीट के नवजात पिल्लू लारवा आक्रमक होते हैं व पतियों की हरितिमा को खुरचकर खाते है। जीवन चक्र में मादा कीट आम के पत्ते पर अंडे देती है, अंडे से एक सप्ताह में लावा निकलते हैं, जो 15-30 दिन तक पांच अवस्थाओं से गुजरते हुए प्यूपा अवस्था में पहुंचते हैं। सहायक निदेशक उद्यान राकेश कुमार के नेतृत्व में रहिका प्रखण्ड के नाजिरपुर पंचायत में किसानों के बीच दिया गया।

वृक्षों की नियमित छंटाई भी करें
इस कीट की वृद्धि को रोकने के लिए प्रभावित पतियों एवं डंठल को तोड़कर जला देना चाहिए। सघन बगीचे को पर्याप्त धूप व हवा मिले इसके लिए वृक्षों की नियमित छंटाई करनी चाहिए। जैव कीटनाशी, जैविक कीटनाशी बैसिलस थूरिनजिएनि्सस बीटी का दो ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ घोल बनाकर संध्या समय छिड़काव कर नियंत्रण किया जा सकता है। रसायनिक कीटनाशी लैम्बडासायहेलोथि्न 5 प्रतिशत ईसी का 2 मिली. प्रति लीटर पानी या क्वीनालफॉस 25 प्रतिशत ईसी का 1 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए। ज्यादा समस्या होने पर 15-20 दिनों के बाद पुनः इन दोनों में से किसी एक कीटनाशी से छिड़काव करके किसान आम की फसल में सीफ वेबर कीट की समस्या से निजात पा सकते हैं।

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- धार्मिक संस्थाओं में सेवा संबंधी कार्यों में आपका महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। कहीं से मन मुताबिक पेमेंट आने से राहत महसूस होगी। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और कई प्रकार की गतिविधियों में आज व्यस्तता बनी...

और पढ़ें