टिकट दर भी निर्धारित:नेपाली स्टेशन से बॉर्डर तक 2.5 किमी रेलखंड का निरीक्षण होना अभी बाकी

मधुबनी3 महीने पहले
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यह ओवरब्रिज दोनों देशों के रेलवे स्टेशन को जोड़ती है। - Dainik Bhaskar
यह ओवरब्रिज दोनों देशों के रेलवे स्टेशन को जोड़ती है।
  • 18 जुलाई काे जयनगर-कुर्था के बीच स्पीड ट्रायल हो चुका है

जयनगर-वर्दीवास रेलखंड पर भारतीय क्षेत्र में सीआरएस निरीक्षण का इंतजार है। जयनगर स्थित नेपाली स्टेशन से बॉर्डर तक 2.5 किमी रेलखंड का निरीक्षण होना बाकी है। जयनगर पूर्व मध्य रेलवे और नेपाली रेलवे स्टेशन को एक ही ओवरब्रिज जोड़ता है। जयनगर रेलवे स्टेशन से मात्र 50 मीटर की दूरी पर भारतीय क्षेत्र में नेपाली रेलवे स्टेशन स्थित है। दोनों स्टेशन आमने-सामने हैं। एक ही ओवरब्रिज दोनों देशो के रेलवे स्टेशन को जोड़ती है। यह एशिया महादेश का पहला दो देशों का स्टेशन है जिनको एक ही ओवरब्रिज जोड़ता है।

विगत 18 जुलाई काे जयनगर-कुर्था के बीच 34.5 किमी रेलखंड का स्पीड ट्रायल हो चुका है। टिकट दर भी नेपाल सरकार ने तय कर दिया है। अब सिर्फ भारतीय क्षेत्र में रेलखंड का सीआरएस निरीक्षण होना बाकी है। निर्माण एजेंसी इरकॉन के द्वारा आवश्यक कागजात सीआरएस कार्यालय कोलकत्ता को सौंप दिया गया है। आजादी से पूर्व 1928 में अंग्रेज ने दोनों देशों के बीच रेल परिचालन शुरू किया थी। नैरो गेज पर ट्रेन चलती थी। उस समय यात्री ट्रेन नहीं चलकर मालगाड़ी चलती थी। अंग्रेज इस रेलखंड का उपयोग नेपाल की साल लकड़ी को ढोने में करते थे।

1940 में दरभंगा महराज ने नेपाल सरकार के आग्रह पर जयनगर स्थित नेपाली स्टेशन वाली भूखंड नेपाल सरकार को लीज पर दिया था। जब तक दोनों देशों के बीच ट्रेन का परिचालन होगा तब तक भारतीय क्षेत्र का भूखंड रेलवे के वास्ते लीज पर रहेगी। दरभंगा महराज और नेपाल सरकार के बीच यह एग्रीमेंट हुआ था। वर्तमान में करीब 800 करोड़ रुपए से अधिक राशि से जयनगर-वर्दीवास रेलखंड का निर्माण हुआ है। इससे पूर्व दशकों तक दोनों देशों के बीच नैरो गेज पर ट्रेन का परिचालन होती थी।

पहले फेज में जयनगर- कुर्था के बीच 34.5 किमी में ट्रेन का परिचालन होना है। इरकॉन के जीएम रवि सहाय ने बताया कि दो देशों का रेलवे स्टेशन करीब 100 मीटर की दूरी पर आमने-सामने है और दोनों स्टेशनों को एक ही ओवर ब्रिज जोड़ता है।

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