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पटवन से मिली निजात:झमाझम हुई बारिश से किसानों के खिल उठे चेहरे, टिकाेले काे पहुंचा फायदा, मरूआ और धान का गिरा सकते हैं बिचरा

मधुबनीएक महीने पहले
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बारिश के बाद सब्जी के खेतों में लौटी हरियाली। - Dainik Bhaskar
बारिश के बाद सब्जी के खेतों में लौटी हरियाली।
  • सब्जी की खेती करने वाले किसान बाेले- हमारी चिंता दूर हुई, खेतों में नमी होने से पैदावार में होगी बढोतरी

जिले में बीते एक सप्ताह से हर दो दिन में एक बार हो रही बारिश से किसान काफी खुश है। शुक्रवार की सुबह हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर रौनक लौटा दिया। सब्जी की खेती करने वाले मध्यमवर्गीय किसान जो अपने सब्जी के खेत को महंगी पटबन के कारण पानी नहीं दे पा रहे थे वह काफी खुश है। उनका कहना था की जो बारिश चाहिए उतना तो नहीं हुआ। जो भी हुआ इससे तकरीबन एक सप्ताह के लिए पानी देने से निजात मिल गई। वहीं इस बारिश से आम के टिकोरे का डंटल को काफी मजबूती मिली है।

तो वही लीची, मूंग सहित आदि फसल को भी इस बारिश से फायदा हुआ है। उक्त बाते नागदह के किसान मो. इस्लाम ने कही। तो वही नाजिरपुर गांव के किसान मो गुलजार का ने कहा कि इस बारिश से लत्ती वाली सब्जी जैसे कद्दू, झिगुनी, करैला, आदि को अधिक फायदा हुआ है। वहीं किसान लुकमान ने बताया की इस बारिश से अलग बगल के खेतो मे भी नमी आ गई। जिससे हमारे सभी सब्ज़ियों के खेतों को काफी फायदा होगा। वहीं मो. सबीर ने बताया की हम लोग कितने ही सिचाई कर ले वह बात नहीं हो सकती जो बारिश से होती है। लेकिन शुक्रवार की सुबह हुई बारिश ने हमारी चिंता को दूर कर दिया है। बारिश के कारण पाैधाें का तेजी से हाेगा विकास | आम के कारोबारी शिवजी मुखिया की माने तो उन्होंने बताया की अगर बारिश कुछ देर और होती तो अधिक फायदेमंद रहता। इस बारिश से आम के डंटल को मजबूती मिली हो। ऐसे ही इस साल आम में जो फल लगना चाहिए उसमे काफी कमी देखी गई। वहीं किसान प्रकाश पासवान ने कहा की इस बारिश से मुंग की फसल को काफी फायदा हुआ है। खेतो मे उग रहे पौधे में तेजी से विकास होगा व फली भी पकड़ेगा। खेरही जिसे मूंग भी कहा जाता है। इसके बुआई से अब तक पानी नही होने से पेड़ में जो विकास होना चाहिए वह नही हो रहा था।

शुक्रवार की बारिश मुंग की फसल केलिए अमृत से कम नही माना जाएगा। वही कुछ जगह के किसान जहां तेज आंधी के साथ बारिश हुई वह मायूस है। वहीं सुखेत अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. सुघीर दास की माने तो उनका कहना है की बारिश से गरमा की सभी फसल को फायदा ही हुआ है। उड़द, तील व मुंग को सबसे अधिक फायदा हुआ है। वहीं जमीन में हाल होने से मरूआ व अगरा धान की खेती करने वाले किसान भी खेतों में बिचरा गिरा सकते है।

हल्की बारिश ने विकास की खाेली पोल, जलजमाव से बढ़ी परेशानी

शहर से ग्रामीण इलाकों में हल्की बारिश ने सभी विकास का पोल खोल कर रख दी। जहां बारिश से विभिन्न गली व सड़क पर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई। वहीं गर्मी से लोगों को राहत मिली है। झंझारपुर नगर पंचायत के पंचानाथ से बेलारही जाने वाली सड़क में रेलवे अंडरपास के समीप भंयकर जलजमाव हो गया है। लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी है। वहीं दो चक्का और चार चक्के की वाहन को और परेशानी बढ़ गई है। चुंकि इस जलजमाव के अंदर कई जगहों पर गड्ढा बना हुआ है। जिसमें खास कर बाइक के जाने से परेशानी बढ़ गई है।

वहीं झंझारपुर आरएस के विभिन्न गली मोहल्ले से लेकर मुख्य सड़कों पर यातायात प्रभावित हो रहा है। आवागमन में भी काफी परेशानी बढ़ गई है। जाम नाले की वजह से शहर के क्षेत्र में भी बारिश के मौसम में डेढ़ फूट उंचा कीचड़ युक्त पानी हेल कर रास्ता तय करना लोगों को भारी पर रहा है। खास कर महिला एवं बच्चों को आना जाना दुभर हो गई है। जगह-जगह अतिक्रमण और जलजमाव परेशानी का सबब बन गया है। गलियों में जहां कीचड़ से सड़के पट जाती है वहीं कई सड़के भी जलजमाव से बाधित रहती है।

लोगों को इधर से गुजरना दूस्वार हो जाता है। वहीं मुख्य सड़क पर जलजमाव से परेशानी है। झंझारपुर का मुख्य सड़क, आरएस ओपी से सेंट्रल बैंक, अंडर पास से स्टेट बैंक रोड, नवटोल से बलभद्रपुर की ओर के इलाके में जलजमाव होने लगा है। सेंट्रल बैंक के समीप का नाला जाम रहने से सड़कों पर जलजमाव का नजारा बना रहता है।

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