लापरवाह है अस्पताल प्रबंधन:अनुमंडल अस्पताल का एक मात्र चापाकल महीनों से खराब

मधुबनीएक महीने पहले
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अनुमंडल अस्पताल में खराब पड़ा चापाकल। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। - Dainik Bhaskar
अनुमंडल अस्पताल में खराब पड़ा चापाकल। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
  • हर दिन इलाज कराने के लिए 250 लोग आते हैं, परेशानी का सामना करना पड़ता है

झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल का में जहां प्रत्येक दिन दो सौ से ढाई सौ लोग इलाज कराने के लिए आते हैं। उस अस्पताल का एकमात्र चापाकल जो आज महिनों से बंद है। जिसे ठीक-ठाक कराने की अस्पताल प्रशासन उचित नहीं समझ रहे हैं। इस अस्पताल में इलाज कराने के अलावे कोविड-19 की जांच और वैक्सीन लेने के लिए आते हैं। वहां ऐसे अस्पतालों के अंदर एकमात्र चापाकल था जो ठीक कराने के चलते खराब पड़ा हुआ है। ये इलाका सांप से प्रभावित है। यहां ठंड के मौसम में भी सांप निकल रहा है।

अस्पताल में प्रत्येक दिन एक दो सांप से पीड़ित लोग आते हैं। ऐसी स्थिति में लोग दुसरे जगह से पानी लाकर प्यास बुझाता है। अस्पताल कैम्पस में चापकल खराब रहने के कारण रात के अंधेरे में लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पानी के लिए खोजबीन करते हुए लोग चापाकल पर आते हैं। जहां चापाकल खराब रहने के कारण फिर वापस किसी दूसरे चापाकल की खोज करने में लग जाते हैं। जब कहीं नहीं मिलता तो अगल-बगल के दुकानदारों से पानी की मांग करते और पानी मिलता है तो प्यास बुझाते हैं।

इस चापाकल का बने चबुतरा भी ध्वस्त हो गया है।जब खराब चापाकल पर लोग पानी के लिए जाते हैं। लेकिन पानी तो मिलता नहीं लेकिन टूटे हुए चबुतरा पांव फंसने के कारण खुद जख्मी हो जातें और इसी अस्पताल में इलाज भी कराता है।यहां बताते चलें की यहां इस अस्पताल में ओपीडी,इमरजेंसी प्रसूति के अलावे अन्य कई प्रकार के मरीजों आते हैं।बगल में एनएच 57 राजमार्ग के गुजरने से आए दिन दुर्घटना होती रहती है। इस सबको देखते हुए मरीजों की संख्या में लगातार यहां बढ़ोतरी हो रही है।

जहां एक भी चापाकल नहीं रहने के कारण अस्पताल प्रशासन देख कर भी चुप है। लोग परेशानी झेल रहे हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई सुधि नहीं ली जा रही है। हालांकि इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक श्याम चौधरी से पूछने पर उन्होंने बताया कि चापकल का वासर बदलने का काम किया गया। लेकिन पानी नहीं निकला। उनके मुताबिक चापाकल के पाइप में लीकेज रहने के कारण यह ठीक नहीं हो पाया। इसे उखाड़ कर दूसरे जगह करना पड़ेगा। इसकी तैयारी की जा रही। बहुत जल्द ठीक हो जाएगा।अब देखना है कि अस्पताल प्रशासन कब तक चापाकल ठीक कराकर यहां के मरीजों को पानी उपलब्ध कराती है।

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