मजबूरी:बिजली के पोल के सहारे आवागमन की मजबूरी है

मधुबनी2 महीने पहले
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जान हथेली पर लेकर पोल के सहारे आवागमन करते ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
जान हथेली पर लेकर पोल के सहारे आवागमन करते ग्रामीण।
  • समस्या का निदान नहीं कर रहे हैं जिम्मेदार

प्रखंड के जलसैन पंचायत के मदना गांव में आजदी के 75 वर्ष के बाद भी लोग सड़क की बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर हैं। गांव की कई सड़कें विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है। गांव के सैकड़ों परिवार आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। लोग बिजली के पोल देकर आवागमन करने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गांव में विकास नही होने का कारण यह कि महादलित समुदाय के लोग रहते है। इस कारण मंत्री हो या विधायक इस गांव के ओर अपना ध्यान आकर्षित नही करते है।

सफेद व खाखी कुर्ता वाले दिग्गज नेताओं को महादलित परिवार से लेना देना नही रहता है। जनप्रतिनिधियों के लचर व्यवस्था का नतीजा है, कि बारिश तो बारिश पूरे साल इस गांव में सड़क न होने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहती है। बिजली के पोल लगाकर लोगों को पैदल बदहाल मार्ग से आना जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में पगडंडी वाले रास्ते मे कीचड़ ही कीचड़ होने से बच्चों के कपड़े भी खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों की मानें तो उन्होंने ग्राम पंचायत से लेकर कलेक्टर तक आवेदन दिया लेकिन कुछ नहीं हुआ।

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