पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

बाढ़ का खतरा:तिलयुगा के उफान से ललबाराही का चचरी पुल बहा, दर्जन भर गांवों का सड़क संपर्क टूट गया

मधुबनीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
Advertisement
Advertisement

नेपाल के तराई क्षेत्र सहित मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने के कारण गुरुवार रात से कोसी, तिलयुगा, भूतही बलान, कमला बलान सहित अन्य बरसाती नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। तिलयुगा नदी के भगता घाट व भूतही बलान नदी के ललबाराही घाट सहित अन्य नदी घाटों पर सुलभ आवागमन के लिए सामाजिक स्तर से बनाए गए चचरी पुल नदी की तेज धारा में बहकर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण कोसी तटबंध के अंदर बसे दर्जनभर से अधिक गांवों का सड़क सम्पर्क भंग हो चुका है।

नदी की धारा के साथ जलकुंभी के बहकर आने से चचरी पुल के खंभों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और इससे चचरी पुल धराशाई हो जाता है। चचरी पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण भेजा पंचायत के ललबाराही, बसीपट्टी पंचायत के बसीपट्टी, भगता, नोनियारी, सलहेसपुर, हथियागार, गढ़गांव पंचायत के गढ़गांव, भवानीपुर, गोबरगढ़ा, लुचबनी, परियाही, करहारा पंचायत का पूर्वी भाग सहित अन्य गांवों की लगभग 30 हजार की आबादी को प्रखंड मुख्यालय से सीधे जोड़ने वाला सड़क सम्पर्क भंग हो चुका है। इन गांवों के लोगों को प्रखंड मुख्यालय, अस्पताल, बाजार, बैंक आदि कार्यों के लिए 30 से 35 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करते हुए सुपौल जिले की सीमा से होकर जाना पड़ेगा।

मुश्किल में है 30 हजार की आबादी, जरूरी कार्यों के लिए 30 से 35 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी

  • सरकारी और निजी दोनों नाव क्षतिग्रस्त

रालोसपा प्रखंड अध्यक्ष भगता गांव निवासी विद्यानंद मुखिया ने चचरी पुल क्षतिग्रस्त हुए घाटों पर नाव परिचालन की व्यवस्था करने की मांग प्रशासन से की है। सीपीआईएम नेता ललबाराही गांव निवासी रामनारायण यादव ने बताया कि नाव की अनुपलब्धता के कारण किसी भी आपात स्थिति में गांव की 1500 की आबादी को बाहर निकलना मुश्किल है। सम्पर्क भंग हुए नदी घाटों पर शीघ्र हाेगा नाव का परिचालन | सीओ कन्हैया लाल ने बताया कि नदियों में उफान आने के कारण यातायात सम्पर्क भंग हुए नदी घाटों पर शीघ्र ही नाव परिचालन शुरू करवाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए हल्का कर्मचारियों से प्रतिवेदन की मांग की गई है।

  • कमला नदी का बढ़ रहा जलस्तर  सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा

कमला का जल स्तर लगातार बढ़-घट रहा है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को संभावित बाढ़ का डर सताने लगा है। 23 हजार क्यूसेक से अधिक दबाव पड़ने से कमला ब्रिज कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल की रेलिंग चार-पांच जगहों पर टूट गई है। पुल के सतह के निचले हिस्से का प्लास्टर कई जगहों से गिर गया है। 1957 में बने 33 पिलर वाले कमला ब्रिज को एक लाख 40 हजार क्यूसेक पानी की प्रेशर थामने की क्षमता है। इससे अधिक की प्रेशर पड़ने पर पुल क्षतिग्रस्त हो सकता है।

लेकिन 13 जुलाई 2019 में नेपाल से आयी बाढ़ की पानी का प्रेशर एक लाख 63 हजार क्यूसेक था। कमला प्रमंडल के जेई विजय कुमार पांडे ने इसकी पुष्टि की है। 23 हजार क्यूसेक का अधिक प्रेशर पड़ने के कारण सिर्फ कमला ब्रिज ही क्षतिग्रस्त नहीं हुआ बल्कि छह जगहों पर कमला तटबंध टूट भी गया। इस कारण सैकड़ों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया और हजारों लोग प्रभावित हुए थे।
खैरामठ व डोरवार पर बाढ़ की खतरा : डोरवार व खैरामठ गांव की 10 हजार आबादी पूरी तरह से बाढ़ प्रभावित है। प्रशासन की ओर से सिर्फ डोरवार गांव में ही एक नाव की व्यवस्था की गई है। गांव के लोग संभावित बाढ़ से डरे व सहमे हुए हैं।  कमला ब्रिज में कुल 76 फोलिंग शटर है।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - अपने जनसंपर्क को और अधिक मजबूत करें। इनके द्वारा आपको चमत्कारिक रूप से भावी लक्ष्य की प्राप्ति होगी। और आपके आत्म सम्मान व आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। नेगेटिव- ध्यान रखें कि किसी की बात...

और पढ़ें

Advertisement