पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

खरना संपन्न:आज 5:25 में अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य कल 6:48 में उदीयमान सूर्य देव को अर्घ्य देंगी छठ व्रती

मधुबनी7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • कुलदेवता काे गुड़ पूड़ी और गुड़ तस्मई का भाेग लगाने के बाद व्रतियाें ने प्रसाद ग्रहण किया

गुरुवार की शाम को प्रकृति से साक्षात साक्षात्कार कराती लोक आस्था के महापर्व छठ का दूसरा दिन संपन्न हुआ। शाम में लाेगाें ने खरना का प्रसाद ग्रहण किया। आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिए जाने के साथ तीसरे दिन का अनुष्ठान पूर्ण होगा। शनिवार को प्रातःकालीन अर्घ्य देने के साथ पर्व संपन्न हो जाएगा। गुरुवार को बाजार में दिनभर सामानों की खरीदारी किए जाने को लेकर भीड़ लगी रही। वहीं प्रशासनिक स्तर से भी गुरुवार को तैयारी काे अंतिम रूप देते देखा गया। शहर स्थित सभी तालाबों की साफ-सफाई सहित घाट पर मौजूद सुविधाओं को चुस्त-दुरुस्त कर दिया गया। चार बड़े तालाबों पर तकरीबन शहर की 65 प्रतिशत आबादी छठ करने पहुंचती है। इसमें सबसे अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा सागर तालाब के किनारे बने घाटों पर लगती है।

वहीं इसके बाद दूसरे स्थान पर नप तालाब है। तीसरे स्थान पर महासेठी पोखर व चौथे स्थान पर मुरली मनोहर तालाब है। इन चारों तालाब पर शहर के 15 से 20 हजार परिवार छठ के लिए पहुंचते हैं। इन तालाबों पर बनाए जाने वाले पंडाल निर्माण का काम गुरुवार को ही पूर्ण कर लिया गया है। गुरुवार की शाम से ही घाट दूधिया रोशनी में नहाने लगा है। नप के ईओ आशुतोष आनंद चौधरी, मुख्य पार्षद सुनैना देवी, नप कर्मी ज्योतिश्वर शिवम सहित अन्य कर्मी देर शाम तक छठ घाटों का निरीक्षण करते दिखे। संध्याकालीन अर्घ्य 5:25 ताे वहीं उदयीमान सूर्य काे 6:48 बजे अर्घ्य दिया जाएगा। शनिवार से शुरू हो जाएगा मिथिलांचल का लोक पर्व सामा-चकेवा : भाई–बहन के बीच घनिष्ठ संबंध को दर्शाने वाला यह त्योहार कार्तिक मास के सप्तमी तिथि से प्रारंभ होता है। इसका समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन होता है। सामा-चकेवा का उत्सव पारंपरिक लोकगीतों से जुड़ा है। यह उत्सव मिथिला के प्रसिद्ध संस्कृति और कला का एक अंग है जो सभी समुदायों के बीच व्याप्त बाधाओं को तोड़ता है। आठ दिनों तक यह उत्सव मनाया जाता है और नौवें दिन बहनें अपने भाइयों को चूड़ा व दही खिलाकर सामा-चकेवा की मूर्तियों को तालाबों में विसर्जित कर देती हैं।

धाैंस नदी के घाटों पर दिखेगा बेटी-राेटी का संबंध

मधवापुर|भारत-नेपाल सीमा पर अवस्थित मधवापुर प्रखंड मुख्यालय की शत-प्रतिशत आबादी हिमालय की गोद से निकलने वाली धौंस नदी के घाटों पर लोक आस्था के महापर्व छठ पर भगवान भास्कर को अर्घ्य देती है। यहां नदी के पश्चिम दिशा में घाट पर भारत के श्रद्धालु छठ मनाते हैं तो पूर्व में पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के। यहां भारत के मधवापुर, रामपुर और विरित गांव के करीब 20 हजार श्रद्धालु नेपाल में बहने वाली धौंस नदी के घाट पर जाकर छठ मनाते हैं। इसी तरह नेपाल के महोतरी जिले के मटिहानी नगरपालिका और धनुषा जिले के तुलसियाही और मुसहरनियां गांव के 35 हजार से अधिक श्रद्धालु एक ही घाट पर दो दिशा में छठ मनाते हैं। इस तरह कुल 55 हजार श्रद्धालु एक साथ आस्था के महापर्व छठ में सूर्य देवे काे अर्घ्य देते हैं।

दोनों देशों के व्रती और श्रद्धालु अर्घ्य के पहले दिन से भारत-नेपाल मैत्री घाट पर पहुंचते हैं और छठ पर्व के लिए घाटों की साफ-सफाई, निपाई-पोताई के साथ अर्घ्य देने के लिए प्रसाद सामग्री बनाने की तैयारी करते हैं। नदी के दोनों ओर हजारों व्रती रात्रि विश्राम भी छठ घाट पर ही करते हैं। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच सदियों से स्थापित बेटी-रोटी का संबंध स्पष्ट रूप से झलकता है। यहां श्रद्धालु भक्तों के बैठने के लिए टेंट, कुर्सी, पर्याप्त रोशनी, पीने का पानी, चाय और मनोरंजनार्थ कई तरह के धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन आपसी सहयोग से किया जाता है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- कुछ महत्वपूर्ण नए संपर्क स्थापित होंगे जो कि बहुत ही लाभदायक रहेंगे। अपने भविष्य संबंधी योजनाओं को मूर्तरूप देने का उचित समय है। कोई शुभ कार्य भी संपन्न होगा। इस समय आपको अपनी काबिलियत प्रदर्...

और पढ़ें