किसान बोले:खाद नहीं मिलने से गेहूं की बुआई प्रभावित, किसान परेशान

मधुबनी2 महीने पहले
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खाद के लिए लाइन में खड़े किसान। - Dainik Bhaskar
खाद के लिए लाइन में खड़े किसान।
  • दुकान पर भूखे-प्यासे खड़े रहने के बावजूद नहीं मिल रही खाद, बढ़ रहा है आक्रोश

किसान को खाद नहीं मिलने से किसान परेशान दिखाई दे रहा है। घंटों खाद के लिए लाइन में खड़े रहते हैं किसान। उल्लेखनीय है कि प्रखंड क्षेत्र के किसानों को समय से खाद नहीं उपलब्ध होने के कारण गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रहा है। किसानों को माने तो सुबह से शाम तक दुकान पर भूखे प्यासे लाइन में खड़े रहते हैं। इसके बावजूद भी किसानों को गेहूं बुवाई हेतु खाद नहीं मिल रहा है। जिससे गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रहा है। इस बात से किसानों का गुस्सा फूटा दिखाई दे रहा है।वहीं इस संबंध में खाद रिटेलर पवन कुमार ने बताया कि जितने खाद की जरूरत है उतना एलॉटमेंट नहीं हो रहा है।

जिससे किसानों को खाद पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है। जितनी खाद की आवश्यकता है उससे बहुत ही कम मधुबनी जिला को एलॉटमेंट मिल रहा है ।जिसके कारण खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो रहा है। उन्होंने दूसरा कारण बताया कि पॉस मशीन में लिंक फेल हो जाने से आधार लिंक नहीं हो पाता है। कभी कभी अंगूठा ऐक्टिव नहीं होता है। जिसके कारण एक किसान को खाद देने मवमें 25 से 30 मिनट समय लग जाता है। वहीं कभी लिंक नहीं काम करता जिसके कारण खाद की दुकान पर भीड़ लगा रहता है।

हालांकि खाद नहीं मिलने से गुस्साए किसान सोमवार को बाबूबरही-खुटौना मुख्य मार्ग को भूपट्टी चौक के पास कुछ समय के लिए जाम कर दिया था। इस संबंध में खाद विक्रेता ने बताया कि लदनियां प्रखंड के कुछ लोग दुकान से खाद ले जाकर दूसरे स्थानों पर ब्लैक रेट में बेच देता है। वैसे लोगों को खाद नहीं देने के कारण सड़क जाम कर दिया गया था। प्रखंड कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत तकरीबन 24 खाद विक्रेता है। अलॉटमेंट कम होने के व सिस्टम पेचीदा होने कारण सब खाद विक्रेता खाद नहीं मांगते है। उन्होंने यह भी बताया कि अब किसानों को जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए। किसान अपने घर में जैविक खाद बना सकते हैं।

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