ध्यान नहीं दे रहे जिम्मेदार:एक ही एंबुलेंस के सहारे चल रहा काम डीएमसीएच रेफर होने पर होती है परेशानी

मधुबनी2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अनुमंडल अस्पताल में लगा खराब एंबुलेंस। - Dainik Bhaskar
अनुमंडल अस्पताल में लगा खराब एंबुलेंस।
  • अनुमंडल अस्पताल प्रबंधक ने कहा- एंबुलेंस की है जरूरत

झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल की तीन एंबुलेंस जमींदोज होते होते बाल-बाल बची जिसे अस्पताल द्वारा कंस्ट्रक्शन कंपनी नागार्जुन से पत्राचार के बाद भारी मशक्कत के बाद निकालकर अनुमंडल अस्पताल कैंपस में रखा गया है। यहां बता दें कि झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल में पूर्व में तीन एंबुलेंस थे जिसमें एक विधायक कोष की एंबुलेंस शामिल थी। लेकिन एक-एक कर तीनों एंबुलेंस खराब होते चली गई। लेकिन इसे ठीक कराने के बजाय बगल में रखा गया। इधर झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल कैंपस में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य में लगी नागार्जुन कंपनी के द्वारा भवन निर्माण के दौरान निकाली जा रही मिट्टी से एंबुलेंस नीचे दबते चली गई। इस तीनों एंबुलेंस का कुछ-कुछ ऊपरी भाग दिखता था।

बाद में कंपनी ने मिट्टी से निकालकर एंबुलेंस काे अनुमंडल अस्पताल में रख दिया। लोगों की माने तो एंबुलेंस खराब होने के बाद उसकी मरम्मत करानी चाहिए थी। लेकिन उसे छोड़ दिया गया जिससे धीरे-धीरे उसका हर पार्ट-पुर्जा बर्बाद होते रहा। इधर अनुमंडल अस्पताल में दो एंबुलेंस है जिसमें एक खराब होने के कारण अररिया संग्राम ट्रामा सेंटर पर रखा गया है। वहीं, दूसरी एंबुलेंस झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल में कार्यरत है। अस्पताल में एंबुलेंस से खासकर प्रसूति महिलाओं को घर से लाना और पुनः प्रसूति के बाद जच्चा-बच्चा के साथ उन्हें उनके घर तक पहुंचाने का काम किया जाता है।

लेकिन इस बीच में आपातकालीन मरीज़ आ जाने के बाद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं रहती है। वहीं, बगल से एनएच 57 राजमार्ग गुजरने के कारण विभिन्न अनुमंडल की सड़कों और क्षेत्रों में दुर्घटनाग्रस्त लोग जब अनुमंडल अस्पताल इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं तो उनका प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पताल चिकित्सक डीएमसीएच रेफर करते हैं, ऐसी स्थिति में अगर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है और एक एंबुलेंस प्रसूति को लेकर गई है ताे उसके आने तक लोगों कर इंतजार करना खतरे से खाली नहीं होता और मजबूरी में लोग जान बचाने की नीयत से महंगी प्राइवेट गाड़ी से मरीज को डीएमसीएच ले जाते हैं।

मरीज और उनके परिजनाें काे परेशान हाेना पड़ता है
एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हाेने के कारण आम लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। इस संबंध में अनुमंडल अस्पताल प्रबंधक श्याम कुमार चौधरी ने बताया कि दो एंबुलेंस है लेकिन एक खराब होने के कारण एक ही एंबुलेंस से काम किया जाता है जबकि एंबुलेंस की आवश्यकता है। वहीं, उन्होंने कहा जमींदोज हाेने वाले एंबुलेंस पूर्ण रूप से खराब हो चुके हैं। इसे कबारा में ही दिया जा सकता है। अब देखना है कि फिलहाल अस्पताल का एक खराब एंबुलेंस जाे ट्रामा सेंटर पर है, वह कब तक ठीक हाेकर अनुमंडल अस्पताल प्रशासन के पास आती है या फिर ये भी कबारा जाने लायक बन जाएगी। यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।

खबरें और भी हैं...