अनदेखी:राशि के अभाव में अधूरा पड़ा है नल जल का कार्य

मधुबनी10 दिन पहले
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करहारा पंचायत के वार्ड 11 में लगी नल जल की बोरिंग। - Dainik Bhaskar
करहारा पंचायत के वार्ड 11 में लगी नल जल की बोरिंग।
  • वार्ड प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति के खाते में नहीं भेजी गई राशि, दोषियों के विरुद्ध की जाएगी विधि सम्मत कार्रवाई : बीपीआरओ

प्रखंड की करहारा पंचायत के वार्ड 11 में मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना का कार्य वर्षों से अधर में लटका हुआ है। वार्ड प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति के खाते में राशि उपलब्ध नहीं रहने के कारण कार्य अपूर्ण है। कार्य अपूर्ण रहने का कारण पंचायत के मुखिया और वार्ड सदस्य के बीच चल रहे अंतर्कलह और पंचायत सचिव भरत ठाकुर का जेल में बंद रहना बताया जाता है। हालांकि जो भी हो जन जन तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की सरकारी योजना यहां दम तोड़ती दिख रही है। लगभग दो हजार की आबादी वाले इस वार्ड में हर घर नल का जल पहुंचाने के लिए दो जगहों पर पी वन और पी टू योजना प्रस्तावित है। लेकिन यहां पी वन का कार्य ही पिछले 3 वर्षों से अधर में लटके रहने के कारण, पी टू का कार्य शुरू भी नहीं किया जा सका है।

जिस कारण दलित एवं महादलित मोहल्ले के लोग स्वच्छ पेयजल मिलने से अद्यतन वंचित हैं। वार्ड प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष सह निवर्तमान वार्ड सदस्य नंदलाल मंडल ने बताया कि प्राक्कलित राशि 19 लाख 95 हजार 890 रुपए से पी वन योजना का कार्य पूर्ण होना था। जिसके लिए समिति के खाते में 13 लाख 21 हजार रुपए ग्राम पंचायत द्वारा हस्तांतरित किया गया। जिससे बोरिंग और पाइप लाइन का कार्य किया गया। जिसका 12 लाख 85 हजार रुपए का मापी पुस्त तत्कालीन कनीय अभियंता सत्य प्रकाश द्वारा किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना की शेष राशि के लिए ग्राम पंचायत के मुखिया और सचिव के चौखट पर दौड़ लगाते लगाते थक गए, लेकिन राशि नहीं दी गई। इतना ही नहीं अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी झंझारपुर के आदेश के बाद भी ग्राम पंचायत द्वारा राशि हस्तांतरित नहीं किया गया।

वार्ड प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति को कई बार सख्त निर्देश दिया गया
प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी चंद्र देव प्रसाद ने बताया कि मामले में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्य पूर्ण करने के लिए ग्राम पंचायत तथा वार्ड प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति को कई बार सख्त निर्देश दिया गया है। करहारा पंचायत के मुखिया कौशल्या देवी के पति पूर्व मुखिया मिश्रीलाल ठाकुर ने बताया कि पंचायत सचिव भरत ठाकुर के एक दूसरे मामले में जेल चले जाने के कारण राशि हस्तांतरित नहीं की गई। उन्होंने बताया कि नए पंचायत सचिव के वित्तीय प्रभार संभालते ही किए गए कार्य के बदले राशि का हस्तांतरण डोंगल के माध्यम से किया जाएगा।

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