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  • Boring Of 22 Lakh Water Supply Scheme Did Not Start Even After 8 Years, Two Thousand Liter Tank Was Also Built But Till Now Villagers Could Not Get Water

लापरवाही:22 लाख से बनी जलापूर्ति योजना की बोरिंग 8 वर्ष बाद भी नहीं हुई चालू, दो हजार लीटर की टंकी भी बनाई पर अब तक ग्रामीणों को नहीं मिल पाया पानी

मोरवा13 दिन पहले
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  • राज्य सरकार ने ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत वर्ष 2012 में शुरू की थी योजना, सरकार ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया

8 वर्ष पूर्व प्रखंड के निकसपुर पंचायत के वार्ड 13 चंदौली गांव में ग्रामीण जलापूर्ति योजना के अंतर्गत स्वच्छ जल के लिए धंसाया गया बोरिंग व 2000 -2000 लीटर का बना पानी टंकी शोभा की वस्तु बन चुका है। 8 वर्ष बीतने के बाद भी जनप्रतिनिधियों व विभागीय लापरवाही व उदासीनता के कारण एक बूंद पानी नहीं टपका। ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पाया। पानी के लिए बना स्टैंड पोस्ट भी टूटने लगा है। बोरिंग स्थल पर बना भवन के कमरे का किवाड़ व फर्श भी टूटने लगा है। बोरिंग स्थल चारों ओर जंगल से घिर चुका है। एक ओर सरकार मुख्यमंत्री सात निश्चय योजनांतर्गत घर-घर नल का जल पहुंचाने को लेकर वार्ड-वार्ड में सबमरसिबल बोरिंग के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने में लाखों रुपये खर्च कर रही है। वहीं दूसरी ओर सरकार का पीएचईडी विभाग द्वारा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के अंतर्गत निकसपुर पंचायत के वार्ड 13 के चंदौली गांव में 22 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च करने के 8 वर्ष बाद भी पाईप लाईन से स्वच्छ पेयजल ग्रामीणों को मुहैया नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत वर्ष 2012 में वार्ड 13 चंदौली में कार्य योजना का शुभारंभ किया था। 8 वर्ष बीतने के बाद भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में पीएचईडी विभाग विफल रहा। तत्कालीन ठेकेदार ने गांव में जल के लिए पाईप बिछा कर व बोरिंग करके फरार हो गया। सरकार ने उस ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। पुनः विभाग की ओर से 2015 में ठेकेदार बहाल कर 2000-2000 लीटर का तीन पानी टंकी बनाई। लगभग एक दर्जन सार्वजनिक स्थलों पर पानी के लिए स्टैंड पाइप निकाला गया।

बिजली की व्यवस्था नहीं
ग्रामीणों को पानी मिलेगा कैसे बोरिंग मशीन को चालू करने के लिए बिजली की व्यवस्था नहीं की गई है। पीएचईडी विभाग की लापरवाही व उदासीनता के कारण 22 लाख रुपए से अधिक की राशि खर्च करने के बाद भी वार्ड 13 चंदौली के ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पाया। इसके कारण सरकार को पुनः नल का जल योजना के तहत वार्ड में लगभग 14 लाख रुपए खर्च करना पड़ा। ग्रामीण जलापूर्ति योजना के बोरिंग को ग्राम वासी चालू करने की मांग प्रशासन से किया है। इस योजना को तत्कालीन विधायक पूर्व मंत्री बैद्यनाथ सहनी के प्रयास से लाया गया था। स्थानीय विधायक ने चंदौली ग्राम वासियों को ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने में विफल रहे। प्रखंड के अधिकारी इस योजना के संबंध में अनभिज्ञता प्रकट करते हैं।

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