कोरोना महामारी:राजकीय मेला स्थल बाबा केवल स्थान में पूजा-अर्चना को जुटी भीड़

मोरवा8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

प्रखंड क्षेत्र के इंद्रवाड़ा गांव स्थित बाबा केवल स्थान में सोमवार को बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालुओं ने आकर बाबा केवल महाराज की समाधि स्थल पर आकर पूजा-अर्चना की। शनिवार की शाम से ही राजकीय मेला स्थल बाबा केवल स्थान में बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। आने वाले श्रद्धालुओं ने निर्माणाधीन पर्यटक भवन समेत खेतों में अपना टेंट खड़ा रहा।

सोमवार को 200 से अधिक बकरे की बलि प्रदान कर मन्नत को उतारा। मेला परिसर में जहां एक ओर सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं के चेहरे पर मास्क नहीं रहता है। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप देखते हुए सरकार के कोरोना गाइडलाइन व सरकारी निर्देश के आलोक में सार्वजनिक आयोजन व मेला लगाने पर रोक लगा दिया गया है।

बाबा केवल स्थान परिसर में रामनवमी के अवसर पर निषाद समुदाय का बहुत बड़ा मेला लगता है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों व विदेशों से लाखों श्रद्धालु आकर बाबा केवल की समाधि का पूजा कर बकरे की बलि देते हैं। इस अवसर पर दस हजार से अधिक बकरे का बलि प्रदान किया जाता है।कोरोना महामारी के संक्रमण को लेकर 2020 में जारी लॉकडाउन के कारण राजकीय मेला व पूजा पर रोक लग गई थी।

लॉकडाउन टूटने के बाद सरकार द्वारा पूजा की अनुमति मिलने के बाद बाबा कैवल स्थान पर श्रद्धालुओं का आना शुरु हो गया। भास्कर न्यूज | मोरवा प्रखंड क्षेत्र के इंद्रवाड़ा गांव स्थित बाबा केवल स्थान में सोमवार को बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालुओं ने आकर बाबा केवल महाराज की समाधि स्थल पर आकर पूजा-अर्चना की। शनिवार की शाम से ही राजकीय मेला स्थल बाबा केवल स्थान में बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था।

आने वाले श्रद्धालुओं ने निर्माणाधीन पर्यटक भवन समेत खेतों में अपना टेंट खड़ा रहा। सोमवार को 200 से अधिक बकरे की बलि प्रदान कर मन्नत को उतारा। मेला परिसर में जहां एक ओर सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं के चेहरे पर मास्क नहीं रहता है। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप देखते हुए सरकार के कोरोना गाइडलाइन व सरकारी निर्देश के आलोक में सार्वजनिक आयोजन व मेला लगाने पर रोक लगा दिया गया है। बाबा केवल स्थान परिसर में रामनवमी के अवसर पर निषाद समुदाय का बहुत बड़ा मेला लगता है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों व विदेशों से लाखों श्रद्धालु आकर बाबा केवल की समाधि का पूजा कर बकरे की बलि देते हैं।

इस अवसर पर दस हजार से अधिक बकरे का बलि प्रदान किया जाता है।कोरोना महामारी के संक्रमण को लेकर 2020 में जारी लॉकडाउन के कारण राजकीय मेला व पूजा पर रोक लग गई थी। लॉकडाउन टूटने के बाद सरकार द्वारा पूजा की अनुमति मिलने के बाद बाबा कैवल स्थान पर श्रद्धालुओं का आना शुरु हो गया।

खबरें और भी हैं...