जागरूक रहें:1674 जांच में 162 नए संक्रमित मिले

मोतिहारी6 महीने पहले
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निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद बच्चे को घर भेजते कर्मी। - Dainik Bhaskar
निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद बच्चे को घर भेजते कर्मी।
  • जिले में अब एक्टिव केस 2512, रिकवरी दर हुई 80.27% पॉजिटिव दर हुई 1.03%

जिले में गुरुवार को कोरोना जांच के लिए एंटीजन किट की कम उपलब्धता के कारण 1674 जांच में 162 संक्रमित मिले हैं। जबकि एक संक्रमित की मौत इलाज के क्रम में हो गई है। गुरुवार को होम आइसोलेशन में रहने वाले 157 संक्रमित पूरी तरह ठीक हो गए है। अप्रैल में अभी तक 3728 संक्रमित मिले हैं। जिसमें 1128 मरीज पूरी तरह ठीक हो गए है। शेष बचे संक्रमितों में 147 को आइसोलेशन वार्ड, 17 को रेफर तथा 2352 को होम आइसोलेट किया गया है। जिले में फिलहाल 2512 एक्टिव केस है। शहर लगातार कोरोना का हॉट स्पॉट बना हुआ है। गुरुवार को मोतिहारी में 95 संक्रमित मिले हैं। वहीं ट्रेन से विभिन्न स्टेशनों पर उतरे यात्रियों की जांच में किट नही रहने से नही हुआ। जिले में पिछले कुछ दिनों में संक्रमितों की जांच में कमी आई है।

मोतिहारी में 41, शरण नर्सिंग होम मोतिहारी में 54, डंकन व एसआरपी रक्सौल में 10-10, पीपराकोठी में आठ, फेनहारा में सात, सुगौली व पताही में छह-छह, आदापुर व हरसिद्धि में पांच-पांच, बनकटवा में चार, चकिया व ढाका में दो-दो व मधुबन व केसरिया में एक-एक संक्रमित शामिल है। 29 दिनों में 3728 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसमें 1128 संक्रमित पूरी तरह ठीक हो गए हैं। वहीं 17 को रेफर किया जा चुका है। जबकि 83 संक्रमितों को सदर अस्पताल परिसर स्थित आइसोलेशन वार्ड में, डंकन रक्सौल में 23, एसआरपी रक्सौल में 14 तथा रहमानिया में एक, शरण नर्सिंग होम में 24 को भर्ती किया गया है। जिले में एक्टिव केस 2512 बताया जा रहा है। गुरुवार को 1674 संदिग्धों की जांच की गई है। इसमें आरटीपीसीआर के 875 में 10, ट्रू नेट के 109 में 9 व एंटीजन के 690 जांच में 143 पॉजिटिव मिले हैं। इसकी पुष्टि सीएस डॉ. अखिलेश्वर प्रसाद सिंह ने की है।

157 मरीज होम आइसोलेशन में ही ठीक हुए

एक्सपर्ट व्यू

कारोना का दूसरा स्ट्रेन तेजी से संक्रमित कर रहा है : डॉ. संजीव

^कोरोना का दूसरा स्ट्रेन लोगों को तेजी से संक्रमित कर रहा है। लेकिन इससे डरने व पैनिक होने की जरूरत नही है। अधिकांश संक्रमित होम आइसोलेशन में रह कर ठीक हो जा रहे हैं। लक्षण दिखने पर जांच जरूर कराएं। डॉक्टर से परामर्श लेते रहें। साथ ही लोगों को मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरूक करते रहें। बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इसको लेकर माता-पिता बराबर बच्चों की देखभाल करते रहें। गर्मी ज्यादा बढ़ने पर एईएस के प्रकोप का भी डर है। बच्चों को बुखार होने पर डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। साथ ही 18 साल से ऊपर के लोग कोरोना का टीका जरूर लें। टीका लेने के बाद संक्रमण के फैलने की कम संभावना रहती है।
-डॉ. संजीव रंजन, शिशु रोग विशेषज्ञ

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