बरखा भइला से हाल खराबे रहे, बाढ़ मार देलख:सुगौली में बाढ़ ने आबोदाना छीना; आशियाने की तलाश में NH पर तंबू गाड़ रहने को मजबूर हैं बाढ़ पीड़ित

मोतिहारी5 महीने पहले
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मोतिहारी के सुगौली में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। कई गांव पानी में डूब गए हैं, जिसके कारण लोग नाव से अपना बोरिया बिस्तरा समेट गांव से निकल रहे हैं। आलम तो ये है कि अब वे गांव से निकलकर NH पर तंबू रहने को मजबूर हैं। सिकरहना नदी के जलस्तर के बढ़ने से सुगौली के डेढ़ दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इस कारण तेजी से कटाव हो रहा है, जिससे परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। कई एप्रोच पथ टूट चुके हैं। गांव से मुख्य मार्ग का पूरी तरह से संपर्क टूट चुका है। ऐसे में लोग अब NH पर रहने पहुंच रहे हैं।

सिकरहना नदी के किनारे अवस्थित नगर के वार्ड संख्या 12 अमीर खां टोला पूरी तरह से बाढ से घिर गया है। अधिकांश लोगों के घर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है तो कुछ लोगों का घर पूरी तरह से डूब गया है। इसके कारण लोगों के चौका बर्तन पर आफत आ गई है। सैकड़ों परिवार राशन-पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। यहां 3-4 दिनों से बाढ़ से घिरे लोगों का गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई घर बाढ़ में डूब गए हैं, जिसके कारण लोगों को अपने परिवार के साथ NH पहुंच रहे हैं।

सड़क के किनारे छोटी-बड़ी गाड़ियों के चलने से छोटे बच्चों को लेकर परिवार वाले परेशान हैं। गाड़ियां तेज रफ्तार से जाती हैं, ऐसे में बच्चों के रोड एक्सीडेंट का खतरा है। बाढ़ पीड़ितों में से एक अशरफ अली ने बताया कि तंबू में हमलोग गुजर-बसर कर रहे हैं। तीन दिनों से ठीक से भोजन नसीब नहीं हो पा रहा है। हमारा राशन-पानी तो बह गया है इसलिए चूड़ा-शक्कर खाकर दिन गुजार रहे हैं। गयासुद्दीन खां ने बाढ़ के कारण परेशानियों के बारे में कहा कि जब जब बारिश होला हमनी के ईहे दशा होला। बरखा भइला से हाल खराबे रहे, ओकरा बाद बाढ़ मार देलख।

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