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ईद-उल-अजहा:मस्जिद में नहीं दिखी भीड़, घरों में ही पढ़ी गई नमाज दूरी बनाकर एक-दूसरे को दी बकरीद की मुबारकबाद

रक्सौल/ चिरैया/ चकिया / केसरिया14 दिन पहले
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  • शहर से लेकर गांव तक नमाज अदा कर मुस्लिम भाइयों ने कोरोना से छुटकारा दिलाने की मांगी दुआ

सिटी रिपोर्टर|मोतिहारी जिले में शनिवार को त्याग व बलिदान का पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) अकीदत के मनाया गया। शहर से लेकर गांव तक पर्व का उत्साह रहा। कोरोना संक्रमण की वजह से मुस्लिम धर्मावलंबियों ने सामाजिक दूरी बनाकर अपने-अपने घरों में पर्व की नमाज अदा की और देश में अमन व शांति के अलावा कोरोना के कहर से छुटकारा दिलाने की अल्लाह से दुआ मांगी। इसके बाद सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग की अहमियत को समझते हुए दूर से ही एक-दूसरे को पर्व की मुबारकबाद पेश की। व

हीं कुर्बानी के क्रम में भी स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा गया। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मंदिर व मस्जिदों में पूजा-पाठ व नमाज अदा करने पर प्रशासनिक रोक है। इसलिए कि भीड़ बढ़ने से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने की प्रबल संभावना है। इसको देखते हुए मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अपने-अपने घरों में ही नमाज अदा की। ईदगाह में पसरा रहा सन्नाटा | शहर के मठिया जिरात स्थित ईदगाह में सन्नाटा पसरा रहा। इस बार यहां पर नमाज अदा का कार्यक्रम नहीं हो पाया। वहीं मेला भी नहीं लगा। बताते चले कि सुबह में नमाज अदा के मौके पर शांति समिति के पदाधिकारी व कई पार्टी के बड़े-बड़े नेता पहुंचे थे। लेकिन, इस बार कोरोना के प्रकोप की वजह से लोगों ने दूरी बनाए रखी।

मुस्लिम समाज के बच्चों ने घर पर ही अपने परिजनों के साथ नमाज में शामिल हुए। हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाई जाती है बकरीद | बकरीद हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। इमाम मुफ्ती रेयाज अहमद कासमी ने बताया कि यह वह कुर्बानी है, जिसकी दुनिया में दूसरी कोई मिसाल नहीं मिलती। कुर्बानी मजहब इस्लाम का खुशुशी शेआर है। इसलिए हुजूर सल्लाहो अलैह वसल्लम ने अपने जिंदगी में खास एहतेमाम किया। तीन दिन कुर्बानी मनाई जाती है। तीन दिन में किसी एक दिन हर साहेबे हैसियत को कुर्बानी करनी चाहिए। कुर्बानी हर उस शख्स पर वाजिब है, जिस पर सदका-ए-फित्र वाजिब है।

कोटवा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शांतिपूर्वक मनाया गया बकरीद त्योहार

प्रखंड क्षेत्र में काफी हर्षोल्लास के साथ शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से बकरीद का पर्व मनाया गया इस पर्व के अवसर पर बच्चे बूढ़े सभी एक दूसरे को मुबारकबाद देते हुए बधाइयां दी गई। छोटका खजुरिया, गैरा, वनवीरवा सहित कई जगहों पर बकरीद पर संपन्न हुआ। इस बार बकरीद में सामूहिक रूप से पर्व मनाने एवं कोरोना महामारी को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पर्व को मनाया गया।

जिले में शांति से मनाई गई बकरीद, लोगों ने कोरोना की वजह से घरों में ही अदा की नमाज, फिर दी मुबारकबाद

रक्सौल में तीन दिनों तक चलने वाले पर्व ईद-उल-अजहा बकरीद की शुरूआत नमाज के साथ शनिवार को शुरू हुई। कोरोना महामारी के कारण मस्जिद में तो नमाज नही पढ़ी गयी, लेकिन लोगों ने अपने घरो से ही नमाज अदा की। इसके बाद कुर्बानी की शुरूआत हुई। इस बार लोगों ने अपने ही घरों में बकरीद मनाई। चिरैया प्रखंड के विभिन्न गांवों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शनिवार को धूमधाम से ईद-उल-जोहा मनाया।

मुस्लिम समुदायें के लोगों ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर सुबह हीं नमाज अदा कर इस पर्व की तथा एक दूसरे मुबारकबाद दी। पर्व को सफल बनाने के लिए चिरैया थानाध्यक्ष इन्द्रजीत पासवान व शिकारगंज थानाध्यक्ष ललन कुमार ने थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा किया। वहीं सीओ सचिंद्र कुमार ने सभी गांवों को दौरा कर पर्व का जायजा लिया। चाकिया में घर पर नमाज अदा करते बच्चे | चकिया में बकरीद पर्व लॉकडाउन के कारण प्रखण्ड क्षेत्र में सादगी के माहौल में मनाया गया।

मुस्लिम धर्मावलंबियों ने सोशल डिस्टेंसिंग गाइड लाइन के तहत सामूहिक रूप से ईदगाह व मस्जिदों में नमाज नहीं पढी। बल्कि अपने-अपने घरों में ही नमाज अदा की। वार्ड सात स्थित दारुल उलूम रिजविया के प्राचार्य मौलाना मुश्ताक अहमद ने बताया कि देश के सभी मुस्लिम धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने सोशल डिस्टेंसिंग गाइड लाइन का पालन करने के लिए सामूहिक रुप से नमाज नहीं पढ़ने के लिए हिदायत जारी किया था।

केसरिया स्थानीय जामा मस्जिद के परिसर सादगी के साथ ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई। इस अवसर पर केसरिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अनिसुर रहमान चिश्ती ने कहा कि हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माइल की याद में कुर्बानी दी जाती है और यह उनकी सुन्नत भी है। कुर्बानी का पैगाम यह है की मां बाप की खिदमत की जाए और उनकी हर बात मानी जाए। साथ ही गरीब मिस्कीन का ख्याल रखा जाए और समाज में आपसी भाईचारा इंसानियत, अकीदत, प्रेम मोहब्बत के साथ जिंदगी गुजारी जाए। मौके पर हाजी मोहम्मद हबीब, मोहम्मद सरुद्दीन, मोहम्मद अशरफ, इम्तियाज अली, मोहम्मद जमील उपस्थित थे।

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