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हिंदी दिवस पर कार्यक्रम:हिंदी भाषा बोलने में शर्म नहीं, गर्व महसूस हो : कुलपति

मोतिहारी8 दिन पहले
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महिला महाविद्यालय में कार्यक्रम को संबोधित करतीं प्राचार्या डॉ चंचल रानी व मौजूद अन्य। - Dainik Bhaskar
महिला महाविद्यालय में कार्यक्रम को संबोधित करतीं प्राचार्या डॉ चंचल रानी व मौजूद अन्य।
  • सबने हिंदी की समृद्धि व महत्व को रेखांकित किया, हिंदी में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दुहराई

हिंदी दिवस पर मंगलवार को शहर के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान हिंदी भाषा की समृद्धि व महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही हिंदी में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दुहरायी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से ‘हिंदी पखवाड़ा’ का शुभारंभ मंगलवार को चाणक्य परिसर स्थित पंडित राजकुमार शुक्ल सभागार में हुआ। अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने की। प्रति कुलपति प्रो. जी. गोपाल रेड्डी भी मौजूद थे।

कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि आज हम देशज भाषा बोलने में शर्म महसूस करते हैं जो भाषा और बोली की सांस्कृतिक समृद्धि के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने गांधीजी की चर्चा करते हुए बताया कि गांधीजी हिंदी भाषा को लेकर गौरव महसूस करते थे। मुख्य अतिथि प्रो. मनोज दीक्षित, पूर्व- कुलपति, राममनोहर लोहिया अवध, विश्वविद्यालय ने कहा कि हमारी मातृभाषा कण-कण में दिखनी चाहिए। प्रो. गोविंद शर्मा ने कहा कि हिंदी देशवासियों को आपस में जोड़ती है। प्रति कुलपति प्रो. जी. गोपाल रेड्डी ने प्रत्येक भाषा के महत्व पर चर्चा की।

धन्यवाद ज्ञापन प्रो. राजेंद्र सिंह बडगुजर व संचालन डॉ. गरिमा तिवारी ने किया। कार्यक्रम में डीएसडल्ब्यू प्रो. आनंद प्रकाश, प्रो. प्रसून दत्त सिंह, प्रो. अजय कुमार गुप्ता, डॉ. अंजनी कुमार श्रीवास्तव सहित विभिन्न संकायों के शिक्षक शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित थे। समारोह में कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा व प्रतिकुलपति प्रो. जी. गोपाल रेड्डी ने प्रो. राजेन्द्र बडगुजर की लिखित पुस्तक कवि सुल्तान सिंह रचनावली का विमोचन भी हुआ। उधर, एमएस कॉलेज में हिंदी दिवस पर ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हिंदी भाषा की चुनौतियां’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के आरंभ में वक्ताओं को फूल का पौधा देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. मृगेंद्र कुमार, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. एकबाल हुसैन, क्षितिज संस्था के संस्थापक डा. विनय कुमार, पत्रकार संजय पांडेय व प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार काे सम्मानित किया गया। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार ने कहा कि हिंदी एक समर्थ भाषा है और सात समुंदर पार तक इसका विस्तार है। इस भाषा में रोजगार की अनंत संभावनाएं हैं और यह हार्दिकता की भाषा है। प्रो. एकबाल हुसैन ने कहा कि हिंदी हमारी मां की तरह है और अंग्रेजी नर्स की तरह है। प्रो. मृगेंद्र कुमार ने हिंदी को एक समर्थ और सशक्त भाषा के रूप में रेखांकित किया। संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डाॅ. मनीष कुमार झा ने कहा कि जैसे गंगा गंगोत्री से निकलती है, वैसे ही हिंदी का विकास भी संस्कृत से हुई है। डा. विनय कुमार ने कहा कि हिंदी आज बाजारवाद के बरक्स मजबूती से खड़ी है। संजय पांडेय ने हिंदी पत्रकारिता की चर्चा की।

दक्षिण भारत के लोगों को भी हिंदी का प्रयोग करना चाहिए : डॉ. चंचल

डॉ श्रीकृष्ण सिन्हा महिला महाविद्यालय में हिंदी विभाग की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्राचार्या डॉ चंचल रानी ने की। प्राचार्या ने कहा कि दक्षिण भारत के लोगों को भी हिंदी भाषा का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही इसका प्रचार-प्रसार भी करना चाहिए। उन्होंने व्याकरणीय भूलों पर विद्वतापूर्ण वक्तव्य दिया। अर्थव्यवस्था में हिंदी भाषा की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ नीतू ने भाषायी विवाद पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ सुमित ने आंकड़ा के साथ हिंदी दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला।

इसके अलावा डॉ इरशाद आलम, संध्या पुष्प, नीतिका, गिन्नी, सिब्बू कुमारी आदि ने भी अपनी बात रखी। मंच संचालन राजनीति शास्त्र प्रतिष्ठा की तृतीय वर्ष की छात्रा सत्या ने किया। उधर, माउंट लिट्रा जी स्कूल में मंगलवार को हिंदी दिवस मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने हिन्दी में भाषण, कविता की प्रस्तुती दी और सुंदर नाटक का मंचन किया। विद्यालय की ओर से दीवार पत्रिका का प्रकाशन किया गया। जिसमें विद्यालय के पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न प्रकार के चित्र कविता एवं दोहे तथा हिंदी साहित्यकारों की जीवनी प्रस्तुत की। मौके पर प्राचार्य अर्णव मुखर्जी, सीनियर कोऑर्डिनेटर मिलन बनर्जी, हिंदी विभागाध्यक्ष ज्योति सिंह भी थी।

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