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टीम का गठन:डॉ.अमृता वीआरएस लेकर गईं ओमान, स्टेनो ने मृत घोषित कर ले लिया सेवांत लाभ

मोतिहारी10 दिन पहले
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डॉ. अमृता। - Dainik Bhaskar
डॉ. अमृता।

स्वास्थ्य विभाग स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर ओमान चली गई डॉ.अमृता जायसवाल को मृत घोषित कर उसके सेवांत लाभ को ले लिया गया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला चिकित्सक ने वाट्सएप पर अपने को जीवित बताते हुए एक मैसेज डीएम व व सीएस को भेजा। सीएस के स्टोनों की भूमिका सामने आई है।

ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर इसकी जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। जांच टीम ने स्टोनों को दोषी पाते हुए उस पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की अनुशंसा की है। जालसाजों ने अंतिम बार छौड़ादानो एपीएचसी बेला बाजार में पदस्थापित स्थल से वर्ष 2008 के बाद से उनके वहां पदस्थापित रहने के सभी कागजात भी गायब करा दिए हैं। जबकि महिला चिकित्सक ने वर्ष 2013 में वीआरएस लिया था।

डीएम और सीएस काे जिंदा हाेने का वाट्सएप पर भेजा मैसेज

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुकी जिला में पदस्थापित रही डॉ.अमृता जायसवाल को मृत घोषित कर उनके सेवान्त लाभ का गबन करने के प्रयास का भंडाफोड़ हुआ है। महिला चिकित्सक ने जिंदा होने का प्रमाण देते हुए डीएम और सीएस समेत कई अधिकारियों को व्हाट्सएप मैसेज भेज कर स्वास्थ्य विभाग के कारनामों की जानकारी दी है। जिसके बाद मामला खुला। चिकित्सक के बीमा की रकम का भुगतान जालसाजों ने करा लिया है। जिसके बाद आनन-फानन में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है।

यह है पूरा मामला

डॉ. अमृता जायसवाल जिला के छौड़ादानो प्रखंड स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेला बाजार में पदस्थापित थी। उन्होंने 18 मार्च 2013 को को स्वैच्छिक सेवानिवृति ले लिया था। लेकिन उन्होंने सेवांत लाभ नहीं लिया। कुछ जालसाजों ने डॉ. अमृता का डेथ सर्टीफिकेट बनवा लिया तथा उनका सेवांत लाभ लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। डॉ. अमृता को किसी ने इसकी खबर दे दी। जिसके बाद उन्होंने डीएम व सीएस को वाट्सएप कर अपने जीवित होने समेत सारी बात की जानकारी दी।

स्टेनाें ने उठाया फायदा : डॉ.अमृता

डाॅ. अमृता जायसवाल को एलआईसी और जीपीएफ का सेवांत लाभ नहीं मिला था। जिसकी जानकारी स्टोनों मनोज को थी। ओमान चले जाने व परिजनों के क्लेम नहीं करने का फायदा मनोज शाही ने उठाया।

जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी

सीएस डॉ. अखिलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी भी अमृता जायसवाल को मृत घोषित वाला एक भी पत्र जारी नहीं किया है। तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी।

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