गोढिया में नाव हादसा:गोढिया में चार दिन के बाद भी सिकरहना नदी में नहीं मिला दो बच्चियों का शव, परिजनों को अब भी आस

मोतिहारी2 महीने पहले
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अंशिका की राह देखते घर वाले। - Dainik Bhaskar
अंशिका की राह देखते घर वाले।
  • 26 सितंबर को हुई सिकरहना नदी में डूब गई थी नाव, एक की हुई थी मौत

शिकारगंज थाना क्षेत्र के गोढिया गांव में गत 26 सितंबर को हुई नाव दुर्घटना के 72 घंटे के बाद भी लापता दो बच्ची का सुराग नहीं मिला है। घर वाले दोनों के लौटने का अब भी इंतजार कर रहे हैं। दोनों बच्चियों के घर चूल्हा चौकी बंद है। माता-पिता के साथ परिजन बदहवास हैं। घटना के बाद लापता दोनों बच्चियों को खोजने के लिए एनडीआरएफ के दो टीम लगातार 10 किलोमीटर दूर तक चक्कर काटी थी। लेकिन दोनों बच्चियों के कोई सुराग नहीं मिला। दोनों बच्ची में एक गोढिया गांव निवासी होरिल सहनी के 8 वर्षीय पुत्री अंशु कुमारी व बेला गांव निवासी रम्भू प्रसाद यादव की 13 वर्षीय पुत्री अंशिका कुमारी है। रंभू यादव ने बताया कि उसे अब भी बेटी के जीवित होने का विश्वास है। नदी में डूब के मरने पर 1 से 2 दिन में शव बाहर आ जाता है।

लेकिन उसकी बेटी अंशिका का कोई पता नहीं चल रहा है। तीन दिन बीतने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। आसपास के कई गांव के लोगों से वह संपर्क में है। कहीं से भी कोई सूचना नहीं आ रही है। इधर, अंशु के परिवार में भी मातमी सन्नाटा पसरा है। परिवार वाले घटना से स्तब्ध हैं। वे लोग भी अंशु के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीण मछुआरों ने बताया कि 48 घंटों के बाद शव पानी में फुल कर बाहर आ जाता हैं। शव 72 घंटे तक नहीं मिल सका। कहीं नदी के अंदर घास एवं पत्थर के बीच फंसा होगा। इधर, सीओ आनन्द कुमार गुप्ता ने बताया कि यदि एक सप्ताह तक बच्चियों का पता नहीं चलता हैं तो आपदा विभाग के अधिकारी के दिशा-निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।

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