बाजारोें में भीड़:चार दिवसीय महापर्व कल से, 10 को शाम 5.27 तो 11 को सुबह 6.34 बजे दे सकते हैं सूर्य को अर्घ्य

मोतिहारी22 दिन पहले
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जिले में दीपोत्सव की समाप्ति के बाद लोगों ने छठ पूजा की तैयारी शुरू कर दी है। छठ पर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान सोमवार को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। मंगलवार को व्रती खरना का अनुष्ठान करेंगी। बुधवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। गुरुवार को उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान संपन्न होगा।

अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य 5:27 मिनट पर, तो उदयगामी सूर्य को सुबह 6:34 मिनट पर अर्घ्य देने का मुहूर्त है। इधर, घाटों की साफ-सफाई का कार्य अंतिम चरण में है। पूजा-समितियों द्वारा घाटों पर लाईटिंग आदि का कार्य शुरू कर दिया गया है। वेद विद्यालय के प्राचार्य सुशील कुमार पांडेय ने सूर्यषष्ठी व्रत श्रद्धा व विश्वास के साथ करने से मनुष्य के ज्ञाताज्ञात समस्त पापों का नाश होता है और मनोवांछित फलों की प्राप्ति भी। पूजा में ईंख, अदरख, मूली, हल्दी, सुथनी, अरवी, नींबू, बोड़ी, नारियल, सिंघाड़ा, केला, साठी चावल, गुड़, पान, लौंग, इलायची, सुपारी सहित औषधियों एवं विभिन्न प्रकार के ऋतुफल का उपयोग अर्घ्य के रूप में दिया जाएगा।

भगवान सूर्य की पूजा भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व में है व्याप्त भगवान सूर्य प्रत्यक्ष देवता माने जाते हैं। इनकी पूजा की परंपरा बहुत पहले से भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में व्याप्त है। क्योंकि, सूर्य के प्रकाश से ही चंद्र भी प्रकाशित होते हैं एवं तारे भी चमकते हैं, जो अनेक ग्रह, नक्षत्र के रूप में माने जाते हैं। भगवान सूर्य के कारण ही दिन एवं रात का वर्गीकरण संभव हो पाता है। प्राचार्य ने बताया कि सूर्योपासना से आयु, विद्या, बुद्धि, बल, तेज एवं मुक्ति की प्राप्ति होती है।

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