विरोध में प्रदर्शन:कृषि समन्वयक को किसानों से घूस नहीं मिला तो कृषि इनपुट फार्म को ही कर दिया रिजेक्ट

मोतिहारी6 दिन पहले
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संग्रामपुर प्रखंड में कोरोना काल में भी बिना मास्क के प्रदर्शन करते किसान। - Dainik Bhaskar
संग्रामपुर प्रखंड में कोरोना काल में भी बिना मास्क के प्रदर्शन करते किसान।
  • किसानों ने ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद कृषि समन्वयक से की थी मुलाकात, समन्वयक ने किसानों से मांगें थे रुपए

डुमरिया पंचायत और भवानीपुर पंचायत में कृषि समन्वयकों द्वारा किसानों से कृषि इनपुट की राशि पास करने के लिए तीन तीन हजार रुपये की मांग की गई थी। लेकिन प्रकृति की मार झेल रहे किसानों ने राशि देने से इनकार कर दिया गया। बस फिर क्या था नियमों का हवाला देकर सैकड़ों किसानों के फॉर्म को रिजेक्ट कर दिया गया। इससे आक्रोशित किसानों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। भवानीपुर के किसान भवेश सिंह, राजेश्वर सिंह, ईश्वर चन्द्र कुशवाहा, जितेंद्र साह, उपेंद्र सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन देने का प्रावधान था।

जिसकी हार्ड कॉपी समन्वयक को उपलब्ध करानी थी। आवेदन करने के बाद जब वे लोग हार्ड कॉपी लेकर समन्वयक के पास गए तो उनके द्वारा बताया गया कि खलिहे पास कैसे होगा। किसानों ने सुविधा शुल्क की राशि पूछी तो कहा गया कि तीन हजार दीजिएगा तो छह हजार से अधिक राशि भेज देंगे। नही देने पर कुछ भी नहीं मिलेगा। किसानों ने समन्वयक को बाढ़ से हुई क्षति और कोरोना से उपजी बेरोजगारी ने कमर तोड़ देने की स्थिति को बताकर राशि देने असमर्थता जाहिर किया। समन्वयक ने आश्वासन दिया लेकिन उनके द्वारा फॉर्म को रिजेक्ट कर दिया।

डुमरिया के 400 किसानों को नहीं मिली अनुदान की राशि

इसी तरह सबसे अधिक अनियमितता डुमरिया पंचायत में हुई है।वहां के 400 से अधिक किसानों को राशि नहीं देने के कारण समन्वयक के द्वारा कृषि अनुदान से वंचित कर दिया गया है। इसको लेकर समाजसेवी विंध्यवासिनी पाठक के द्वारा अभियान चलाकर किसानों को न्याय दिलाने के लिए कृषि विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला जा रहा है। पाठक ने इस बाबत बताया कि उनके अगल बगल वैसे किसान जो बांध के दक्षिण गंडक नदी के तट पर खेती करते हैं उन्हें ही अनुदान से वंचित कर दिया गया है। बताया कि उनके पंचायत में कृषि समन्वयक द्वारा जमकर उगाही की गई है। इस पंचायत से राशि देने के नाम पर ढाई से तीन लाख रुपये की अवैध वसूली की गई है

^डुमरिया में विभाग द्वारा कम रकबा भेजा गया था।अनुदान के तहत जैसे ही रकबा पूरा हुआ तो बाकी लोग वंचित हो गए हैं।
-संजय तिवारी, कृषि समन्वयक ,डुमरिया पंचायत

^कृषि अनुदान में क्या किसानों द्वारा कोई शुल्क भी देना है। सरकार द्वारा दी जानेवाली कृषि विभाग में कोई भी अनुदान पर कोई शुल्क किसान द्वारा नहीं दिया जाना है। यदि इस ढंग की शिकायत आती है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
नवल किशोर सिंह, प्रभारी प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी

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