मोतिहारी के मंदिर में स्थापित हुए 501 कलश:30 साल पहले एक कलश से शुरू हुई परंपरा अब 501 तक पहुंची, 150 वर्ष पुराने मंदिर में होती है माता की आराधना

मोतिहारी3 महीने पहले
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श्रद्धालु भक्त विभिन्न स्थानों से आकर इस कलश पूजा व माता भगवती की आराधना को देख रहे हैं। - Dainik Bhaskar
श्रद्धालु भक्त विभिन्न स्थानों से आकर इस कलश पूजा व माता भगवती की आराधना को देख रहे हैं।

पूर्वी चंपारण के मोतिहारी स्थित मीना बाजार में 150 वर्ष पुराने मंदिर में 501 कलश स्थापित कर माता भगवती की आराधना की जा रही है। यह बात मोतिहारी सहित पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। श्रद्धालु भक्त विभिन्न स्थानों से आकर इस कलश पूजा व माता भगवती की आराधना को देख रहे हैं। इस अति पुराने मंदिर का निर्माण मीना बाजार के व्यवसायियों ने कराया था। यहां पूजारी के रूप में रहकर एक दानी बाबा भगवान की पूजा अर्चना करते थे। इस मंदिर में लगभग 45 देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापित है।

30 वर्षों से चल रही कलश स्थापना की परंपरा
इस मंदिर में लगभग 30 वर्षों से कलश स्थापना की परंपरा चल रही है। मंदिर निर्माण काल समय मंदिर की व्यवस्था उतना सुदृढ नहीं था, तो मोतिहारी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मलकौनिया गांव निवासी केदारनाथ सिंह ने मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया। यहां के व्यवसायियों के सहयोग से इस मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू किया। अभी इस मंदिर परिसर में 45 देवी-देवताओं की मूर्ति प्रतिष्ठित है। मंदिर में माता वैष्णो देवी दरबार एवं नवदुर्गा की अलग-अलग प्रतिमा है।

एक कलश से शुरू होकर 501 कलश तक का सफर
मंदिर में चैत नवरात्र व शारदीय नवरात्र पूजा में कलश स्थापित करने की शुरुआत 30 वर्ष पहले एक कलश स्थापित कर शुरू की गई। इसके बाद कलश स्थापना की परंपरा लगातार बनी रही। साथ हीं धीरे-धीरे कलश की संख्या भी बढ़ती चली गई। पहले एक से बढ़कर कलश की संख्या पांच पर पहुंची। पांच के बाद 11 कलश की स्थापना की गई। इसके बाद यह सफर 11- 21- 51 से बढ़ते-बढ़ते 501 कलश तक पहुंच गई है।

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