नया नियम:कोविड को लेकर नेपाल बॉर्डर एक सप्ताह के लिए सील

मोतिहारी6 महीने पहले
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दूल्हे की गाड़ी का जांच करती नेपाल की पुलिस। - Dainik Bhaskar
दूल्हे की गाड़ी का जांच करती नेपाल की पुलिस।
  • शादी समारोह के लिए केवल दूल्हा और दुल्हन के बैठने वाले एक वाहन को मिलगा प्रवेश

कोरोना का बढ़ते संक्रमण को देखते हुए नेपाल सरकार ने 29 अप्रैल से 5 मई तक एक सप्ताह के लिए लॉकडाउन लगाया है। जिसको लेकर नेपाल के तरफ से भारत-नेपाल सीमा को सील कर दिया गया है। सशस्त्र सुरक्षा बल पर्सा के एसआई बीरेन्द्र राज ने बताया कि नेपाल सरकार द्वारा गुरुवार के सुबह चार बजे से आगामी 5 मई को सुबह पांच बजे तक के लिए लॉकडाउन लगाया गया है और इस दौरान भारतीय नागरिकों का नेपाल में प्रवेश वर्जित रहेगा। जिनका होटल पहले से बुक है नेपाल में या नेपाल के अस्पताल में मरीज भर्ती है उन्हीं भारतीय नागरिकों को जाने दिया जाएगा।

भारत-नेपाल के बीच होने वाले शादी समारोह के लिए केवल दुल्हा और दुल्हन के बैठने वाले एक वाहन का स्क्रिनिंग कर नेपाल में प्रवेश का प्रावधान है। इस दौरान वीरगंज के शंकराचार्य गेट पर एक दुल्हा-दुल्हन का गाड़ी को जाने दिया गया। जबकि बराती और दहेज में मिले समान व वाहन को प्रवेश नही करने दिया गया। जिसे नेपाल जाने की अनुमति नेपाल के सुरक्षाकर्मी नही दे रहे थे। वीरगंज नेपाल स्थित इनरवा चौकी इंचार्ज पूर्ण प्रसाद दहाल ने बताया कि भारतीय नागरिकों का प्रवेश आज से एक सप्ताह तक बंद रहेगा।

केवल मालवाहक गाडियों का आवागमन होगा। बराती के साथ आने वाले दहेज में मिले गिफ्ट वाला वाहन और दुल्हा दुल्हन का गाड़ी को जांच कर नेपाल जाने की अनुमति है। नेपाल के भी जो नागरिक भारत से आएंगे उनका जांच करके ही जाने दिया जाएगा। सीमा बंद होने से नेपाल के वीरगंज,परवानीपुर,जीतपुर आदि विभिन्न स्थानों पर काम करने वाले भारतीय नागरिकों को भी नही जाने दिया जो बॉर्डर पर ही दिनभर ही फंसे रहे और नेपाली सुरक्षाकर्मियों से जाने देने का गुहार लगाते रहे, मगर नही जाने दिया गया। उधर नेपाल द्वारा बॉर्डर बंद करने की सूचना पर सीमा पर आकर एसएसबी के जवान व अधिकारियों ने लिया जायजा।

बराती बॉर्डर पर फंसे

वीरगंज नेपाल के छपकैया से मोतिहारी के जानपुल 28 को बरात गई थी। 29 को वापस आई। रामानंद शर्मा के पुत्र संतोष शर्मा छपकैया से मोतिहारी निवासी रागनी कुमारी से शादी रचाकर दुल्हन रागनी के साथ 29 को लौटे तो उनके गाड़ी को जाने दिया गया। बराती बॉर्डर पर ही फंस गए।

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