एनआईओएस की डीएलएड डिग्री को मंजूरी / एनआईओएस से डीएलएड की डिग्री को मान्यता मिलने पर हर्ष

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  • डीएलएड की डिग्री के साथ टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

मोतिहारी. राष्ट्रीय खुला विद्यालयी संस्थान (एनआईओएस) से खुला दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) मोड से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) की डिग्री को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने मंजूरी दे दी है। इससे जिले के हजारों शिक्षकों को लाभ मिलेगा। अब इन डिग्रीधारकों को शिक्षकों की बहाली में शामिल होने का मौका मिलेगा। इससे शिक्षकों में हर्ष है। हालांकि डीएलएलएड की डिग्री के साथ-साथ टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। टीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रियरंजन सिंह एवं महासचिव ओमप्रकाश सिंह ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री निशंक पोखरियाल को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने बताया कि एनआईओएस से हाल ही में लाखों अप्रशिक्षित शिक्षकों ने डीएलएड की डिग्री हासिल की थी। परन्तु बिहार सरकार ने शिक्षक बहाली में उपर्युक्त डिग्री धारकों को शामिल होने पर रोक  लगा दी थी। बिहार सरकार का यह मानना था कि चूंकि डीएलएड शिक्षक प्रशिक्षण की डिग्री द्विवर्षीय होता है, जबकि यह कोर्स निजी एवं सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए ही विशेष परिस्थिति में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 31 मार्च, 2019 तक मात्र 18 महीने में पूरा कर लिया गया था। केंद्रीय मंत्री निशंक पोखरियाल ने पटना उच्च न्यायालय के फैसले को सही ठहराया और एनआईओएस की डीएलएड डिग्री को मंजूरी दे दी। इस बाबत एनसीटीई के उप सचिव ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन को चिट्ठी लिखकर पटना हाईकोर्ट के फैसले को लागू करने का निर्देश भी दिया है। अब शिक्षक भर्ती में शामिल होने का मौका मिलने पर ओमप्रकाश सिंह, चेतन आनंद, सर्वेश शर्मा, नमिता किरण, शिखा कुमारी, आशनी कुमारी, पप्पी कुमारी, सैदुल्लाह अंसारी, सुधाकर पांडेय, रंजीत यादव, रोहण पांडेय, जकी अहमद, रामविनय शर्मा, दीपेंद्र कुमार, तरूण पासवान, रूमित रौशन, संतोष कुशवाहा आदि ने खुशी जतायी है।

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