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पुलिस के डर से भागे:पुलिस पर हमला करने वालों की तलाश में छापेमारी, लोग घर छोड़कर भागे

मोतिहारी13 दिन पहले
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  • पुलिस पर पथराव के बाद बड़ैला गांव में वीरानगी

जीतना थाना क्षेत्र के बड़ैला गांव में छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला करना अब गांव वालों को भारी पड़ने लगा है। विगत 2 जून को घटी घटना के बाद से पुलिस का दबिश बढ़ गया है। जिसके बाद से सैकड़ों ग्रामीण बॉर्डर क्रॉस कर नेपाल में शरण लिए हैं।

एक गलती बड़ैला गांव के युवाओं की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है, इसका अनुमान भी इन्हें नही था। बड़ैला गांव के अभिभावक अपने बच्चों की गलती पर ज्यादा चिंतित हैं। सौ-सवा सौ घर वाले इस छोटे से गांव में पहले मात्र एक ही सरकारी नौकरी थी। वह भी रेलवे के चतुर्थवर्गीय श्रेणी में जो अवकाश प्राप्त हो चुके हैं। इधर 2001 के बाद जब बॉर्डर पर एसएसबी का कैम्प बना तब गांव के युवाओं में नौकरी के प्रति ललक जगी। गांव के जयमंगल राय के दो पुत्रों में एक रेलवे की अच्छी नौकरी तो दूसरा लड़का फिलहाल बिहार पुलिस में भर्ती हुआ है। गांव के दो अन्य बच्चे भी सरकारी नौकरी में है। अधिकांश बच्चे फौज में जाने की तैयारी में लगे थे। लेकिन अब कानूनी दाव पेंच में आ कर ये बच्चे जो फौज या अन्य विभाग में जाकर नौकरी पाना चाहते थे, उनके चरित्र पर धब्बा लगता दिखाई दे रहा है।

वीडियो से हो रही आरोपियों की पहचान

घटना के दूसरे दिन पुलिस ने एक युवती सहित तीन महिलाओं को भी पकड़ कर जेल भेज दिया है। गांव की कम आबादी और 140 आरोपित होने से अभिभावक अपने होनहार बच्चों के भविष्य को लेकर चिंचित होने लगे हैं। भय इतना कि गांव से अधिकांश लोग नोमेन्स लैंड पार नेपाल सीमा में प्रवेश कर गए हैं। गांव की अधिकतर औरते भी अपने मायके या सगे-संबंधी के घर चली गई हैं। यहां तक कि महिलाएं मवेशियों को भी अपने साथ ले गई हैं। युवाओं द्वारा जितना पुलिस को खदेड़ते और पथराव करते वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमे शामिल एक- एक लोगों की पहचान पुलिस द्वारा की जा रही है। बहरहाल, गांव में घटना के बाद से अब तक सन्नाटा पसरा हुआ है। इधर एसएसबी द्वारा बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

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