लापरवाही:4 माह बाद भी खैराघाट में नहीं बनी सड़क, चचरी पुल से आना-जाना

मोतिहारी18 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
डेढ़ किमी पैदल चचरी पुल से चलकर जाते सीओ। - Dainik Bhaskar
डेढ़ किमी पैदल चचरी पुल से चलकर जाते सीओ।
  • सड़क नही होने जगू मुखिया को समय पर चिकित्सक के यहां नही पहुंचाया जा सका, बीमार महिला को नाव से कटहा सड़क पर लाया गया

अधिकारियों की उदासीनता के कारण प्रखंड के खैराघाट गांव में टूटी सड़कों की मरम्मत नही हो सकी। गांव से बाढ़ का पानी उतर जाने के बाद भी आवागमन सुचारू नही हो सका है। चार माह बाद भी गांव की चार हजार आबादी के लिए चचरी पुल ही सहारा बना है। जिससे लोग आ जा रहे है। चचरी पुल होने के कारण गांव में चार पहिया वाहनो का प्रवेश बर्जित है। चार पहिया वाहन नही जाने से बीमारों को समय से इलाज नही मिल पा रहा है। लहवर मुखिया ने बताया कि गांव के जगु मुखिया को तेरह सितंबर को बिजली का करंट लग गया। गांव के लोग खाट पर लाद कर गांव से बाहर ले सवारी पर बिठाने ले गए।

परन्तु देर हो चुकी थी समय पर उसे चिकित्सक के यहां नही पहुंचाया जा सका व उसकी मौत हो गई। 29 सितंबर को नागा मुखिया की पत्नी की तबियत अचानक खराब हो गई परन्तु एम्बुलेंस सड़क खराब होने से नही जा सका। जिसे नाव पर बिठाकर कटहा लाया गया जहां से उसे सवारी से निजी चिकित्सक के यहां पहुंचाया गया। जहां वह इलाजरत है। चिकित्सक के अनुसार समय पर नही आने से महिला के शरीर से काफी रक्तस्राव हो गया था।

प्रखंड व अंचल प्रशासन को कई बार ग्रामीणों ने फोन पर सूचना दी
बताते चले कि सड़क मरम्मत को लेकर ग्रामीण लहवर मुखिया ने प्रखंड व अंचल प्रशासन को कई बार फोन के द्वारा सूचना दी है। वावजूद इसके सड़कों की मरम्मत नही हो सकी है। जबकि मंगलवार को सीओ खैराघाट में अतिक्रमण हटाने गए तो,उनकी गाड़ी भी गांव में नही जा सकी। डेढ़ किमी चचरी पुल से पहले गाड़ी लगाकर पैदल गांव में जा सके। सीओ मणि कुमार वर्मा ने बताया कि टूटी सड़क व चचरी पुल की रिपोर्ट अनुमंडल पदाधिकारी को दूंगा। ताकि सड़क को चलने लायक बनाया जा सके। बताते चले कि जुलाई माह में खैरघाट से अजगरवा जाने वाली सड़क चार जगह पर टूट गई।

जिससे काफी तेज बाढ़ का पानी बह रहा था। वही लगातार बारिश व बाढ़ के कारण गांव के लोगो को आने जाने में परेशानी होती थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने आने जाने के लिए आस्थाई श्रमदान से चचरी पुल बनाया। जिससे कि आवागमन बाधित नही हो। परन्तु अधिकारियों की अनदेखी के कारण चार माह बाद भी चचरी पुल ही सहारा बना हुआ है। मामले को लेकर सदर अनुमंडल पदाधिकारी सौरव सुमन यादव ने बताया कि हम इन सड़कों को तत्काल मोटरेबल बनाने का पूरा करूंगा।

खबरें और भी हैं...