मांग:‘झारखंड व यूपी की तर्ज पर दर्जा दे राज्य सरकार’

मोतिहारीएक वर्ष पहले
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नियोजित शिक्षकों के सेवा शर्त के लिए पांच वर्ष पूर्व ही कमेटी गठित हुई थी। आज तक कमेटी सेवा शर्त नहीं बना सकी है। सेवा शर्त की घोषणा करने के बजाय सरकार ने सेवा शर्त कमेटी का पुनर्गठन किया है। पुनर्गठित कमेटी के सदस्यों की बैठक के मद्देनजर टीइटी-एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट ने अपनी मांग रखी है।  जिलाध्यक्ष प्रियरंजन सिंह एवं महासचिव सह बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति, पूर्वी चंपारण के सचिव ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि सहायक शिक्षक का दर्जा समेत समान सेवा शर्त को लेकर शिक्षक लगातार आंदोलित रहे हैं।

सरकार ने सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया था। शिक्षा का अधिकार कानून एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक सुझावों के आलोक में पुनर्गठित सेवा शर्त कमेटी को टीईटी एसटीईटी शिक्षकों के मसले पर ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार टीईटी एसटीईटी शिक्षकों को सहायक शिक्षकों के विनिर्दिष्ट वेतन भत्ते के अनुरूप सांतवें वेतन आयोग में वर्णित वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं दे। टीइटी- एसटीईटी शिक्षकों के लिए अंतरजिला स्थानान्तरण, प्रोन्नति, पदोन्नति, इपीएफ, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश, मातृत्व, पितृत्व व शिशु देखभाल अवकाश समेत राज्यकर्मियों के तमाम सेवा शर्त की गारंटी हो।

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