कार्ययोजना / बिहार का औसत ग्रीन लेबल 15% है, जबकि पूर्वी चंपारण का मात्र 6.89%, पौधरोपण किया जाएगा

The average green label of Bihar is 15%, while that of East Champaran is only 6.89%, to be planted.
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The average green label of Bihar is 15%, while that of East Champaran is only 6.89%, to be planted.

दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 05:00 AM IST

मोतिहारी. फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार बिहार का औसत ग्रीन लेबल 15% है। जबकि पूर्वी चंपारण का मात्र 6.89%। कारण पूर्वी चंपारण में न तो वन क्षेत्र है और न ही अधिक पौधे। जिस कारण यहां ग्रीन लेबल लगातार घटते जा रहा है। ग्रीन लेबल को बिहार के औसत के बराबर करने के लिए यहां 50 लाख से अधिक पौधा लगाने की आवश्यकता है। इसकी तैयारी वन विभाग ने की है। वन विभाग ने अगले चार वर्षों में 50 लाख पौधा लगाने का प्लान तैयार किया है।

इसके लिए जरूरी संसाधनों जैसे नर्सरी, पौधा, प्लांटेशन के लिए जगह आदि की मैपिंग की जा रही है। वन विभाग ने इस साल ही 20 से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन लॉकडाउन के कारण सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी है। जिस कारण इस वर्ष जिले में विभाग 10 लाख से अधिक पौधे लगाएगा। वन विभाग ने पौधों की जीविता के हिसाब से यहां की मिट्टी का सर्वे किया है। यहां की मिट्टी पौधों को जीवित रखने, उनकी ससमय वृद्धि, फल देने की क्षमता, कीट से लड़ने की क्षमता के अनुकूल है। यहां पौधों का वृद्धि दर आसपास के जिलों से भी अधिक है। जिस कारण यहां पौधरोपण को बढ़ावा देने की योजना है। वन विभाग पृथ्वी दिवस 9 अगस्त को पूरे बिहार में 2.51 करोड़ पौधा लगाएगा।

जिसमें पूर्वी चंपारण में 10 लाख पौधा लगेगा। जिले में ऐसा पहली बार होगा जब वन विभाग इतनी संख्या में एक साथ पौधा लगाएगा।  इसमें साढ़े चार लाख पौधा जीविका दीदी लगाएंगी। जबकि डेढ़ लाख पौधा मुख्यमंत्री कृषि वानिकी योजना से किसान लगाएंगे, 50 हजार पौधा पारा मिलिट्री फोर्स या अन्य संस्थान के माध्यम से लगाया जाएगा। जबकि साढ़े तीन लाख पौधे मनरेगा योजना से लगेगा। उस दिन आम व लीची के फलदार पौधा भी लगाए जाएंगे। प्रत्येक जीविका दीदी को एक-एक फलदार पौधा दिया जाएगा।

नर्सरी में तैयार किया गया 17 लाख पौधा
इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए पीपराकोठी, रक्सौल व छौड़ादानो की नर्सरी में 17 लाख पौधा तैयार किया गया है। पीपराकोठी में 11 पौधा तैयार किया गया है। जिसमें सागवान, शीशम, महोगनी, नीम, करंज, गुलमोहर, अमलतास, अमरूद आदि के पौधे हैं। जीवधारा में डेढ़ लाख पौधा, छौड़ादानो में 3.30 लाख व रक्सौल में करीब डेढ़ लाख पौधा तैयार किया गया है।
जिले में पहली बार वन विभाग इतने बड़े पैमाने पर पौधा लगाएगा। पौधरोपण की प्लानिंग कर ली गई है। जरूरत के हिसाब से पौधा भी तैयार किया गया है। पृथ्वी दिवस पर अधिकाधिक पौधा लगाया जाएगा। उसके पहले भी बरसात में किसान व आम लोगों को पौधा दिया जाएगा।
 प्रभाकर झा, वन प्रमंडल पदाधिकारी, मोतिहारी

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