बिना किसानों को सूचना दिए छोड़ दिया पानी:मलाही में तिरहुत केनाल नहर का बांध टूटा, पानी फैलने से किसानों की 30 एकड़ फसल हुई बर्बाद

मोतिहारी6 दिन पहले
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मलाही में तिरहुत केनाल नहर का टूटा बांध। - Dainik Bhaskar
मलाही में तिरहुत केनाल नहर का टूटा बांध।
  • नहर का बांध पहले से था कमजोर, मरम्मत नहीं होने से टूटा

अरेराज प्रखंड क्षेत्र के ममारखा पंचायत अंतर्गत मलाही दरगाह टोला समीप गुरुवार की शाम तिरहुत केनाल नहर का बांध टूटने से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों का फसल बर्बाद हो गया है। तिरहुत केनाल नहर जो सोनवाल से मलाही क्षेत्र में किसानों की सिंचाई के लिए आया है। किसानों के सिंचाई के लिए इस नहर से पूर्व में पानी भी समय से आता था और लोग सिंचाई भी करते थे। लेकिन विगत वर्षों से किसानों को समय पर इस नहर के माध्यम से सिंचाई का लाभ भी नहीं मिलता है। और इस बार बीना मौसम के पानी छोड़े जाने से उक्त नहर का कमजोर बांध टूट गया है।

जिससे प्रभावित होकर की विभिन्न खेतों मे लगे आलू, गेहूं और सरसों का फसल बर्बाद हो गया है। ममारखा पंचायत के किसान झुनझुन सिंह, प्रहलाद सिंह, शकुर मियां, ताहिर मियां, भोला ठाकुर वीरेंद्र सिंह, रामचंद्र पंडित, मदन सिंह सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि बेमौसम गंडक विभाग की ओर से 2 दिन पहले पानी छोड़ा गया है। नहर काफी कमजोर हो चुका है। जहां गुरुवार की शाम अचानक नहर का बांध टूटने से खेत में लगा आलू, गेहूं और सरसों का फसल बर्बाद हो गया है।

किसानों ने कहा कि और पानी छूटेगा तो आगे भी नहर का बांध टूट

किसानों ने कहा कि और पानी छूटेगा तो आगे भी नहर का बांध टूट सकता है। क्योंकि कई जगहों पर नहर कमजोर हो गया है। वही किसानों ने फसल क्षति को लेकर मुआवजे की मांग भी की है।जिससे किसानों के फसल क्षति का भरपाया हो सकें।नहर का बांध टूटने से खासकर सबसे अधिक आलू का फसल बर्बाद हुआ है। गंडक विभाग की ओर से टूटे नहर के बांध को भरने के लिए कार्य शुरू किया गया है।गंडक विभाग अरेराज के कनीय अभियंता मधुकांत कुमार ने बताया कि नहर का बांध टूटा है जिस मरम्मती कार्य किया जा रहा है।

तुरकौलिया में तिरहुत केनाल का साइफन टूटा, 300 एकड़ में खड़ी फसल डूब गई

सायफन टूटने से खेतों में पानी लगने से फसल बर्बाद होने को लेकर कवलपुर व सेनवरिया के करीब 5 दर्जन किसानों ने सीओ पिंटू कुमार को हस्ताक्षरित आवेदन दिया है। जहां दिए आवेदन मे किसानों ने बताया है कि तिरहुत केनाल 85 आरडी का साइफन टूट गया है। साइफन टूटने से गेहूं और मक्का कि फसल डूबने लगा है। कवलपुर और सेनवरिया चेवर मे करीब 300 एकड़ मे 2 फीट पानी लग गया है। जिससे खेतों में लगे अधिकांश जीवकोपार्जन फसल नुकसान हो रहा है। खेतों में जलजमाव से हम सब किसानों की चिंता बढ़ गई है। हम सब लोगों ने पानी के रिसाव को बंद करने का अपने स्तर से बहुत प्रयास किया है। यह बंद होने के बजाय और बढ़ता ही जा रहा है। अब हम लोगों को यह डर सताने लगा है कि अगर इसी तरह से रिसाव जारी रहा तो एक-दो दिनों मे बाकी फसल भी डूब जाएगा।

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