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हड़ताल:आइएमए की हड़ताल के कारण 12.30 बजे के बाद ओपीडी में शुरू किया गया उपचार

मोतिहारीएक महीने पहले
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आईएमए की बैठक में शामिल चिकित्सक। - Dainik Bhaskar
आईएमए की बैठक में शामिल चिकित्सक।
  • चिकित्सकों ने आईएमए हॉल में की बैठक, चिकित्सकों के साथ हिंसा व अभद्र व्यवहार की हुई निंदा

आइएमए के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के सभी चिकित्सकों ने ओपीडी को सुबह 8.30 बजे से दिन के 12.30 तक बंद रखा। जिसके कारण मरीजों को थोड़ी परेशानी हुई। सदर अस्पताल में भी सरकारी चिकित्सकों के संगठन भासा के द्वारा आईएमए के हड़ताल का समर्थन करने के कारण दौरान ओपीडी बंद रहा। हालांकि बारिश के मौसम के कारण सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या कम रही। इमरजेंसी सेवा चालू रहने के कारण कई मरीजों का इलाज किया गया। वहीं कई मरीज ओपीडी खुलने का इंतजार करते देखे गए।

12.30 बजे के बाद ओपीडी खुलने पर मरीजों का इलाज हुआ। शुक्रवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी व ओपीडी मिलाकर 150 मरीजों का इलाज किया गया। आईएमए द्वारा आहूत देशव्यापी आंशिक ओपीडी बंद के समर्थन में जिले के सभी चिकित्सकों ने ओपीडी बंद करके आईएमए हॉल में अध्यक्ष डॉ.आशुतोष शरण की अध्यक्षता में एक बैठक की। बैठक में सभी चिकित्सकों ने इस बात का पुरजोर विरोध किया कि कोरोना की दूसरी लहर जब मौत का तांडव मचा रही थी तब कोई सगा संबंधी किसी को नही पूछ रहा था।

उस विकट परिस्थिति में भी चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों का जान बचा रहे थे। इसके बावजूद चिकित्सकों के साथ हिंसा व अभद्र व्यवहार हो रहा है। जो सर्वथा अनुचित व आपराधिक है। इसके साथ ही इस बात का भी विरोध जताया गया कि शहीद चिकित्सकों की मृत्यु का उपहास व अपमान किया गया जो हमारी भारतीय संस्कृति के मूल धारा में सर्वथा अनुचित है। इसके अलावा इन्ही लोगों द्वारा कोविड वैक्सीन व वैक्सीनेशन का विरोध व कोरोना के मरीजों के इलाज में एलोपैथ सिस्टम को नकारात्मक बताया गया।

अंत में पूर्वी चंपारण के तीन गणमान्य चिकित्सकों डॉ. एसी सिन्हा, डॉ. अनिल कुमार गुप्ता व डॉ. नागेंद्र प्रसाद की मृत्यु पश्चात सम्मान व अन्य सभी विभागों में कार्यरत शहीद हुए व्यक्तियों को उचित मुआवजा व इंश्योरेंस क्लेम की राशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की गई। बैठक में आईएमए के सचिव डॉ. बीके पांडेय, डॉ. सुशील कुमार सिन्हा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. आरके झा, डॉ. विनीता वर्मा, डॉ. उदय नारायण सिंह, डॉ. विभु पराशर, डॉ. एमके मिश्रा आदि थे।

एमबीबीएस डॉक्टरों ने चार घंटे तक बंद रखा गया ओपीडी

बाबा रामदेव द्वारा एमबीबीएस डॉक्टरों को लेकर दिए बयान से खफा चिकित्सा संघ राष्ट्रीय आईएमए के आह्वान पर शुक्रवार को एलोपैथ चिकित्सकों ने सुबह 08: 30 से 12: 30 बजे तक ओपीडी सेवा को बंद रखा। जिससे उतनी समय के लिए मरीज को इलाज कराने में समस्या हुई। परन्तु प्रखण्ड स्वास्थ्य केंद्र में ये सेवा आयुष चिकित्सकों ने संभाला और मरीज की चिकित्सा शुरू हुई। आयुष चिकित्सक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सिंह इस दौरान ओपीडी में मरीजों को जांच करते दिखें। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सह अनुमंडलीय अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. एसके सिंह ने बताया कि एलोपैथ द्वारा केवल ओपीडी में सेवा नही दिया गई परन्तु आपातकालीन सुविधा मौजूद रही।

डॉ. एसके सिंह इस संबंध में बताया कि कार्य ठप्प कर विरोध बाबा रामदेव के द्वारा आधुनिक चिकित्सा विज्ञान, पद्धति, कोविड टीकाकरण एवं शहीद चिकित्सकों के खिलाफ दिये गए वक्तव्य के कारण किया गया था। साथ ही उनकी मांग यह थी कि चिकित्सक जान जोखिम में डालकर इलाज करते हैं और उनकी सुरक्षा के लिए कुछ उपाय नहीं किया गया है। लगातार चिकित्सकों के साथ हिंसा की घटना हो रही है। कोई भी आता है और चिकित्सकों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज करने के साथ मारपीट कर लेता है। इन सब पर रोक लगने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। मौके पर डॉ. सेराज अहमद, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. अमित कुमार जायसवाल व डॉ. चंदन कुमार शामिल थे।

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