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हादसा:सेग्रिगेशन प्लांट के पिलर से दबकर कर्मी की मौत, परिजनों ने मीना बाजार चौक जाम किया

मोतिहारी14 दिन पहले
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गांधी चौक पर आगजनी कर नारेबाजी करते आक्रोशित। - Dainik Bhaskar
गांधी चौक पर आगजनी कर नारेबाजी करते आक्रोशित।
  • एंबुलेंस नहीं मिली तो, परिजन कचरा उठाने वाली गाड़ी से ले गए अस्पताल, डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

नगर निगम अंतर्गत जमला में कचरा गिराने के क्रम में सोमवार को सेग्रिगेशन प्लांट का गेट व पिलर से दबकर हुई कर्मी मोहम्मद इसराइल की मौत के बाद आक्रोश भड़क उठा। आक्रोशितों ने शव रखकर गांधी चौक जाम कर दिया। जाम करीब साढ़े चार घंटे रहा। आक्रोशितों में उसके परिजन के अलावा नगर निगम के कर्मी थे। जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आक्रोशित उसके परिजन को मुआवजा व परिवार के सदस्यों को नौकरी देने की मांग पर अड़े थे। नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर आगजनी की।

इस बीच राहगीरों से हल्की नोक-झोंक भी देखने को मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल के जवान मौजूद थे। वह तुरकौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरा बेलबतिया के निवासी थे। परिजन परवेज आलम ने बताया कि मोहम्मद इसराइल रिश्ते में उसके मौसा लगते थे। उन्होंने बताया कि वे प्लांट में कचरा गिराकर लौट रहे थे। इस बीच प्लांट का गेट व पीलर उनके शरीर पर आ गिरा। कड़ी मशक्कत के बाद उसे हटाया गया। समय पर एंबुलेंस भी नहीं मिली। इसके बाद कचरा ढोने वाली गाड़ी से रहमानिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उन्हें डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

नगर निगम के पदाधिकारी नहीं पहुंचे, लोगों में था आक्रोश

मौत की सूचना के बाद कोई भी बड़ा पदाधिकारी नगर निगम कार्यालय में मौजूद नहीं मिला। निगम के कार्यपालक पदाधिकारी और न तो महापौर ही सांत्वना देने पहुंची। उसके परिजन पदाधिकारियों के पहुंचने की राह ताकते रहें। जाम में शामिल कर्मियों की मांग थी, कि कम से कम विभाग के अधिकारी तो पहुंचते। हालांकि, बाद में कुछ पार्षद घटनास्थल पर पहुंचे थे। स्थिति की जानकारी भी ली। इस कारण लोगों में आक्रोश था।

पिलर निर्माण कराने वाले पर हो एफआईआर: ममता
सामाजिक कार्यकर्ता ममता रानी वर्मा ने प्रशासन से पीलर निर्माण कराने वाले पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। ्लांट के निर्माण पर करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं। घटना के बाद नगर निगम के सभी कर्मी अपनी तीन मांग के माने जाने तक धरने पर बैठे रहने की बात कही। कर्मियों ने बताया कि परिजनों को अविलंब मुआवजा दिया जाए। साथ हीं मृतक के एक परिजन को नौकरी दी जाए।

^धरने पर बैठे कर्मियों ने वार्ता के दौरान अपनी तीन मांगे रखी थी। उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक व विधिसम्मत कार्रवाई नगर निगम व प्रशासन की तरफ से करने के आश्वासन के बाद कर्मियों ने धरना समाप्त कर दिया है।
-सौरव सुमन यादव, एसडीएम सदर

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