फुटा गुस्सा / आंध्र प्रदेश से आए मजदूरों ने एसएच जाम कर किया प्रदर्शन

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  • गांव व क्वारेंटाइन सेंटर के बीच 36 घंटे तक भटकते रहे

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

मोतिहारी. हजारों किलोमीटर से आ रहे प्रवासी मजदूरों को प्रशासन होम क्वारेंटाइन के लिए भेज रही है। जबकि गांव वाले उन्हें गांव में घुसने नहीं दे रहे हैं। गांव वाले उन्हें कह रहे हैं कि वह क्वारेंटाइन सेंटर पर जाकर रहें। उन्हें क्वारेंटाइन सेंटर पर प्रवेश ही नहीं दिया जा रहा है। जिसकी वजह से उन्हें बगीचे तो सड़क के किनारे रात बितानी पड़ रही है। 36 घंटे से भटक रहे आंध्र प्रदेश से आए प्रवासी मजदूरों ने शुक्रवार की रात एच एस 74 पर य नया गांव पानशाला को जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब दो घंटा तक सड़क जाम रहा। सीओ रंजन कुमार व थानाध्यक्ष विनय कुमार ने वहां पहुंच कर प्रवासी मजदूरों को समझा-बुझा कर जाम समाप्त कराया। बताया जाता है कि शुक्रवार को आन्ध्र प्रदेश से नौ प्रवासी मजदूर केसरिया आए। जिन्हें स्थानीय प्रशासन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जांच करा कर उन लोगों को होम क्वारेंटाइन रहने के लिए घर भेज दिया। मगर यह सभी प्रवासी शुक्रवार की शाम जब अपने गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तथा गांव में घुसने नहीं दिया। इस स्थिति में असमंजस में प्रवासी बीच सड़क पर ही बैठ गए। 
गांव वालों को संक्रमण फैलने का लग रहा है डर
गांव में लोगों को नियम की जानकारी नहीं है। इसके अलावे पहले के प्रचार प्रसार में यह बताया गया था कि उनके संपर्क में आने पर कोरोना हो सकता है। इसलिए गांव वाले डरे हुए हैं। उनका कहना है कि जब वह गांव में आकर रहेगा तो घूमेगा भी, लोगों से मिलेगा भी, जिसकी वजह से संक्रमण बढ़ सकता है। जाम की सूचना पर थानाध्यक्ष विनय कुमार व सीओ रंजन कुमार ने पहुंच समझा बुझा कर जाम समाप्त करवाया, सीओ श्री  कुमार ने बताया कि मुख्य सचिव के आदेशानुसार दिल्ली, नोयडा, एनसीआर, अहमदावाद, सुरत, मुम्बई, पूणे, बंगलोर शहर से आने वाले प्रवासियों को ही क्वारेंटाइन सेन्टर पर रखना है व अन्य शहरों से आने वाले प्रवासियों को होम क्वारेंटाइन में रहना है।
बिना खाना-पीना के रहे घंटों
प्रवासियों ने बताया कि  कि 36 घंटे से बिना खाना पीना के वे लोग इधर उधर भटक रहे हैं। गांव वाले गाँव में नहीं रहने दे रहे है और प्रशासन क्वारेंटाइन सेंटर पर नहीं रहने दे रही है। हमलोग जाए तो जाए कहां जाए। मुखिया का कहना है कि क्वारेंटाइन सेन्टर पर रहने के लिए सीओ निर्देशित करेंगे तब रहेंगे।
रेड जोन वाले को रख रहे
हर प्रवासी को 14 दिन क्वारेंटाइन सेंटर में रहना होगा। लेकिन इधर दो दिन पहले प्रवासियों की बढ़ती संख्या को देख केवल रेड जोन से आने वालों को ही क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है। अन्य को नहीं।
सेमरा क्वारेंटाइन सेंटर से 23 लोगों को छोड़ा गया
बंजरिया|प्रखंड के सेमरा क्वारेंटाइन सेंटर से शनिवार को 23 प्रवासी लोगों को 14 दिन बाद घर भेजा गया। इस अवसर पर सभी प्रवासियों को स्थानीय मुखिया तेरस राम द्वारा फूल व प्रमाणपत्र दिया गया। साथ ही उन्हें 14 दिन घर पर भी क्वारेंटाइन रहने का निर्देश दिया गया। जाते समय चिकित्सकों की टीम सबका स्क्रीनिंग की गई। जिसमें सभी स्वस्थ्य पाए गए। बताते चले कि सेमरा प्रखंड के पहला क्वारेंटाइन सेंटर है। इसमें करीब 60 प्रवासी लोग रह रहे थे। जिन्हें धीरे धीरे समय पूरा होने पर छोड़ा जा रहा है। मौके पर राजस्व कर्मचारी, चिकित्सक आदि भी थे।

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