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धिक्कार है ऐसी व्यवस्था पर:गांधी जी को चंपारण लाने वाले राजकुमार शुक्ला के गांव को एक सड़क नसीब नहीं, यहां रोड बन गया है नाला, इसी से होकर आते-जाते हैं लोग

साठी/नरकटियागंज24 दिन पहले
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राजकुमार शुक्ला के गांव सतविरया की सड़क का हाल। - Dainik Bhaskar
राजकुमार शुक्ला के गांव सतविरया की सड़क का हाल।

जब-जब गांधी के सत्याग्रह का जिक्र होता है, तब-तब चंपारण के राजकुमार शुक्ला का नाम भी दोहराया जाता है। 1917 में उन्होंने 19 लाख लोगों को आजादी दिलाने और उनके मानवाधिकार के लिए अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई थी। गांधी जी को चंपारण लाकर यहां जो किसान आंदोलन छेड़ा, वह भारतीय स्वतंत्रता की बुनियाद बनी, लेकिन बिहार सरकार इनके गांव को एक अदद अच्छी सड़क तक नहीं दे पाई है। यास तूफान के कारण आई बारिश में यहां की सड़क अब नाली जैसी बन गई है, जिससे होकर लोगों को आना-जाना पड़ रहा है।

आधी सड़क पर मिट्‌टी-गिट्‌टी डालकर भाग गया संवेदक
कीचड़ और जलजमाव से चंपारण के गांधी पंडित राजकुमार शुक्ला की जन्मस्थली सतवारिया गांव के ग्रामीणों का आवागमन पूरी तह ठप पड़ गया है। यहां मुख्यमंत्री की पक्की सड़क योजना औंधे मुंह गिर गई हुई है। इस संबंध में भाकपा नेता सुनील कुमार वर्मा ने जिलाधिकारी और प्रभारी मंत्री से मांग की है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश से बन रही इस सड़क को संवेद के द्वारा आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसे जल्द से जल्द बनवाया जाए, नहीं तो बरसात में यहां के लोगों का जीवन नर्क बन जाएगा।

टूटी सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल
टूटी सड़क के कारण गांव की आधी आबादी प्रभावित है। सड़क की स्थिति जर्जर हो गई है यहां पैदल चलना मुश्किल है। संवेदकों द्वारा मिट्टी और गिट्टी डालकर सड़क को अधूरा छोड़ दिया गया है। इस रास्ते से होकर किसानों को धान का बिचड़ा गिराने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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