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उदासीनता:अनुमंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी चिकित्सक कक्ष में 6 माह से टूटा है शौचालय का दरवाजा

नरकटियागंज8 महीने पहले
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अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के नल में पानी नहीं आने से गंदगी से भरा बेसीन। - Dainik Bhaskar
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के नल में पानी नहीं आने से गंदगी से भरा बेसीन।
  • आरओ व चापाकल खराब होने से मरीजों को नहीं मिल रहा है पीने के पानी

अनुमंडलीय अस्पताल में आने वाले मरीज एवं लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही है। अस्पताल में पीने के पानी के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक कक्ष के शौचालय का दरवाजा टूटा पड़ा तथा विभिन्न जगहों पर फर्श भी ध्वस्त हो गया है। इस संबंध में बताया जाता है कि अस्पताल परिसर में दो चापाकल है लेकिन दोनों कई माह से बंद पड़ें हैं।

चापाकल खराब होने के कारण मरीजों को पीने के लिए बाहर से व्यवस्था करनी पड़ती है। सबसे ज्यादा परेशानी ओपीडी के समय होती है। उस समय काफी संख्या में मरीज दूर-दराज से इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में आते हैं। वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों को पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन द्वारा प्रसव विभाग के गेट के समीप स्वच्छ जल के लिए एक आरओ मशीन लगाया गया है।

वह भी लगभग ढाई माह से तकनीकी गड़बड़ी के कारण बंद पड़ा है। आरओ मशीन में भी यह समस्या बराबर होती रहती है। वर्तमान में आरओ मशीन अस्पताल का शोभा बनाने का काम आ रहा है। इसके साथ ही इमरजेंसी वार्ड के ड्रेसिंग कक्ष में लगा बेसीन में तीन दिनों से पानी नहीं आ रहा है। जिससे स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं मरीजों को काफी परेशानी होती है। अन्य जगहों से स्वास्थ्य कर्मचारियों को किसी काम चलाना पड़ रहा है।

इमरजेंसी के चिकित्सकों को शाैच के लिए दूसरे कक्ष में जाना पड़ता है
अनुमंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सकों का शौच के लिए अन्य कक्ष में जाना पड़ता है। एमरजेंसी कक्ष के शौचालय का दरवाजा कई महीनों से टूटा पड़ा है। इमरजेंसी वार्ड के दो और दरवाजे टूटे हुए है। इसके साथ ही इमरजेंसी कक्ष के फर्श भी जगह-जगह ध्वस्त है लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से चिकित्सकों एवं मरीजों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है।

वहीं दूसरी ओर अस्पताल के खाली भूखंड में मरीजों के परिजनों द्वारा पलासेंटा फेंकने से गंदगी फैला हुआ है तथा पलासेंटा से दुर्गंध आने से अन्य मरीजों व स्वास्थ्य कर्मचारियों को परेशानी हो रही है।अनुमंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सकों का शौच के लिए अन्य कक्ष में जाना पड़ता है। एमरजेंसी कक्ष के शौचालय का दरवाजा कई महीनों से टूटा पड़ा है।

इमरजेंसी वार्ड के दो और दरवाजे टूटे हुए है। इसके साथ ही इमरजेंसी कक्ष के फर्श भी जगह-जगह ध्वस्त है लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से चिकित्सकों एवं मरीजों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं दूसरी ओर अस्पताल के खाली भूखंड में मरीजों के परिजनों द्वारा पलासेंटा फेंकने से गंदगी फैला हुआ है तथा पलासेंटा से दुर्गंध आने से अन्य मरीजों व स्वास्थ्य कर्मचारियों को परेशानी हो रही है।

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