सीएस ने भेजी रिपोर्ट:तीन निजी अस्पतालों में 7 माह में हुई मोतियाबिंद की 10956 सर्जरी; विभाग से मिला 25.21 लाख अनुदान

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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जिले में दो निजी अस्पतालों के साथ मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए 2023 तक है करार - Dainik Bhaskar
जिले में दो निजी अस्पतालों के साथ मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए 2023 तक है करार

राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 3 निजी अस्पतालों में इस वर्ष सिर्फ 7 माह में 10 हजार 956 लोगों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। यह ऑपरेशन विश्वस्वती इपिलिप्सी मिशन सेवाश्रम, सुनैना मेमोरियल आई हॉस्पिटल और कुमार फाउंडेशन में हुआ है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने इसका आंकड़ा जारी किया। एसीएमओ डॉ. सुभाष प्रसाद सिंह ने तीनों अस्पतालों में अप्रैल से अक्टूबर तक किए गए मोतियाबिंद के ऑपरेशन और इन अस्पतालों को जारी अनुदान संबंधी रिपोर्ट सिविल सर्जन को दी। इसके बाद सिविल सर्जन ने रिपोर्ट को प्रमंडलीय आयुक्त और अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को भेज दी।

रिपोर्ट के अनुसार, इन अस्पतालों को मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने पर स्वास्थ्य विभाग ने 25 लाख 21 हजार 353 रुपए का भुगतान किया। इधर, इस वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले को 62 लाख 76 हजार 763 राशि मिली है। जबकि विगत वर्ष के 4 लाख 86 हजार 10 रुपए बचे हुए थे। स्वास्थ्य विभाग के पास कुल राशि 67 लाख 62 हजार 773 थी। जिसमें 25 लाख 21 हजार 353 रुपए का भुगतान अस्पतालों को किया गया। 42 लाख 41 हजार 420 रुपए अभी विभाग के पास शेष हैं।

इस साल 31 मार्च को आई हॉस्पिटल, 2 अक्टूबर को विश्वस्वती इपिलिप्सी मिशन सेवाश्रम का अनुबंध हो चुका है समाप्त
प्रमंडलीय आयुक्त और अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को भेजी रिपोर्ट में बताया गया है कि मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल व विश्वस्वती इपिलिप्सी मिशन सेवाश्रम का अनुबंध समाप्त हो गया है। मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल का अनुबंध 31 मार्च 2021 को ही समाप्त हो चुका है। जबकि, विश्वस्वती इपिलिप्सी मिशन सेवाश्रम का अनुबंध 3 अक्टूबर 2019 से 2 अक्टूबर 2021 तक था। वहीं सुनैना मेमोरियल आई हॉस्पिटल का अनुबंध 6 फरवरी 2020 से 5 फरवरी 2022 तक और कुमार फाउंडेशन का अनुबंध 3 अक्टूबर 2021 से 2 अक्टूबर 2023 तक है।

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