395 दिनों में महज 70 मीटर बना ड्रेनेज / स्टाॅर्म वाटर ड्रेनेज बनाने के लिए खजाने में 183 करोड़ फिर भी बारिश के पानी में डूब रहा मुजफ्फरपुर शहर

183 crores in the treasury to build storm water drainage, yet the city of Muzaffarpur is submerged in rain water
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183 crores in the treasury to build storm water drainage, yet the city of Muzaffarpur is submerged in rain water

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर शहर से जलनिकासी के लिए 3 ड्रेनेज व 3 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का अमृत याेजना से निर्माण हाेना है। इसके लिए खजाने में 183.40 करोड़ रुपए करीब 13 महीने से पड़े हुए हैं। दो साल में काम पूरा कर लेना है। लेकिन, अब तक एक भी ड्रेनेज नहीं बन सका। इधर, स्मार्ट सिटी में शामिल मुजफ्फरपुर शहर बारिश के पानी में डूब रहा है। 22.40 किलोमीटर में प्रस्तावित 3 ड्रेनेज से जहां शहर से पानी की निकासी हाेनी है। वहीं, 3 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से नालाें के पानी काे प्यूरीफाइड कर उसकी निकासी करनी है। 
बता दें कि नगर निगम 3 वर्षाें से स्टाॅर्म वाटर ड्रेनेज बनाने की कवायद कर रहा है। नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा द्वारा इस याेजना का मार्च 2019 में शिलान्यास किए जाने के बाद सरकार ने इस याेजना की जिम्मेदारी बुडको को दी। बुडको ने मे. खिलाड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड व अन्नू इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से 31 मई 2019 को एग्रीमेंट किया था‌। उसके भी 13 महीने गुजर गए। इन 395 दिनाें में 5 फीसदी से भी कम काम हुआ। बुडकाे के अधिकारी का कहना है सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अब तक जमीन ही नहीं मिल सकी है। ड्रेनेज का काम शुरू करा दिया गया है, लेकिन बारिश व जलजमाव के कारण फिलहाल रुका है। नगर निगम की ओर से पानी की निकासी व्यवस्था ठीक करा जैसे ही निर्माण की इजाजत दी जाएगी और जमीन की बाधा दूर होगी, ड्रेनेज का काम तेजी से कराया जाएगा।

  1. शहर से पानी निकासी के लिए 22.40 किमी में 3 बड़े नालों व तीन सीवरेज का हाेना है निर्माण
  2. पहला ड्रेनेज ही नहीं बना सकी है बुडकाे और ट्रीटमेंट प्लांट का काम ही नहीं शुरू किया गया
  3. अमृत योजना के तहत मई,19 में हुआ था एग्रीमेंट, शिलान्यास तो मार्च में ही किया गया था

पानी निकासी के लिए इन 3 ड्रेनेज का हाेना है निर्माण

1. मिठनपुरा चौक से लेकर तिरहुत कैनाल नहर तक
मात्र काम शुरू हुआ है। सनशाइन स्कूल-मालगोदाम चौक-आईडीपीएल-बेला इंडस्ट्रियल चौक-दुर्गा माता मंदिर-तिरहुत कैनाल तक 3.2 किमी में बनना है।

2. कल्याणी से लेकर खबड़ा फरदो नाला तक 
अभी शुरू नहीं। कल्याणी-अयोध्या साह लेन-रेलवे क्रॉसिंग-कलमबाग-स्पीकर चौक-छाता चौक-दामूचक खबड़ा में फरदो नाला तक 5.92 किमी में बनना है।

3. सिकंदरपुर से मणिका मन तक : शुरू नहीं हुआ है। सिकंदरपुर स्लुइस गेट-लकड़ी ढाई चौक-मारवाड़ी स्कूल-नवाब रोड-जेल चौक-लेप्रोसी मिशन से मुशहरी मणिका मन तक 9.15 किमी में बनना है।

इन 3 जगहों पर बनना है सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

1. मणिका मन : प्रतिदिन 2.25 करोड़ लीटर पानी प्यूरीफाइड करने की क्षमता। जमीन चिह्नित, पर ग्रामीण कर रहे हैं विराेध।

2. खबड़ा फरदो नाला  प्रतिदिन 1.30 कराेड़ लीटर पानी प्यूरीफाइड करने की क्षमता, पर अब तक जमीन चिह्नित नहीं।

3. तिरहुत कैनाल के पास : प्रतिदिन 25 लाख लीटर पानी प्यूरीफाइड करने की क्षमता, पर अब तक जमीन चिह्नित नहीं।

ड्रेनेज बनने तक आउटलेट की सफाई करा दी जाए

ड्रेनेज में अभी समय लगेगा। तब तक पानी की निकासी को आउटलेट की सही ढंग से सफाई करा दी जाए। नगर निगम काे हर वर्ष बारिश के समय आउटलेट की याद आती है। मिठनपुरा इलाके में जलजमाव से मुक्ति के लिए बेला इंडस्ट्रियल से आगे जो आउटलेट है उसे क्लीयर करना होगा। बालूघाट का आउटलेट स्लुइस गेट से जुड़ा हुआ है। ब्रह्मपुरा, बीबीगंज इलाके से पानी निकासी को हाईवे पर आउटलेट सफाई करानी होगी। नालाें पर अतिक्रमण भी बाधा है। 
मंत्री बोले- नगर निगम को करना है स्थल चयन 

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए मणिका मन के पास स्थल चिह्नित किया गया था।वहां कुछ बाधा आने की वजह से काम शुरू नहीं हो सका। नगर आयुक्त को जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए स्थल चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। स्थल चिह्नित हाेने के साथ ही तेजी से काम शुरू हो जाएगा। फिलहाल निगम को जलनिकासी के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया गया है। 
-सुरेश शर्मा, नगर विकास व आवास मंत्री।

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