लापरवाही:बंदरा प्रखंड कार्यालय में रखे-रखे 27 गैलन सैनिटाइजर हो गए एक्सपायर

बंदरा10 दिन पहले
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एक तरफ कोरोना के नए वैरिएंट के फैलने को लेकर सरकार गंभीरता बरत रही है। दूसरी ओर जिले के बंदरा प्रखंड कार्यालय में साल भर से रखे 27 गैलन सैनिटाइजर एक्सपायर हाे गए। इसका छिड़काव ही नहीं कराया गया। प्रखंड के अधिकारियों की कोरोनावायरस के प्रति गंभीरता कितनी है।

यह बात उजागर होती है। प्रखंड कार्यालय परिसर में गार्ड रूम के बरामदे पर यह पड़ा है। जिसमें उजला व नीला रंग का गैलन शामिल है। इसमें एक गैलन खाली है। यहां मौजूद एक अंचल गार्ड ने बताया कि नीले रंग का 22 गैलन व उजले रंग का 5 गैलन भरा हुआ है।

गैलन पर लगे स्टीकर के मुताबिक एक में 25 लीटर सैनिटाइजर है। जिस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट 20 जनवरी 2020 अंकित है, जबकि एक्सपायरी डेट 19 जनवरी 2021 अंकित हैं। अंचल गार्ड का बताना है कि अप्रैल 2020 में सैनिटाइजर यहां आया था।

बीडीओ अलख निरंजन के समय ही मंगाया गया था। उनके समय में ही कोरोना काल था। उस समय इसे प्रखंड की पंचायतों में छिड़काव के लिए मंगाया गया था। तब से यहां अंचलगार्ड के बरामदे पर पड़ा हुआ है। बाद में चलकर बीडीओ का दरभंगा जिले के प्रखंड में ट्रांसफर हो गया।

बहरहाल आखिर साल भर से प्रखंड मुख्यालय में सैनिटाइजर का यह गैलन किस परिस्थिति में पड़ा है और क्यों रखा गया है। यह बातें लोगों के समझ में नहीं आ रही है। लोगों का बताना है कि कोरोना वायरस से लोगों में भय का माहौल था। जगह-जगह सैनिटाइजर स्प्रे कराने की मांग की जा रही थी। तब लोगों व प्रतिनिधियों को स्प्रे के लिए सैनेटाइजर मिल नहीं रहे थे और यहां प्रखंड कार्यालय में ही इतनी तादाद में सैनिटाइजर को भंडारित कर रखा जाना व रखे-रखे एक्सपायर कर जाने की बात कई तरह के सवालों को जन्म देता है।

मुखिया नहीं ले गए : तत्कालीन बीडीओ
उस समय के तत्कालीन बीडीओ अलख निरंजन ने बताया कि मुखिया की आग्रह पर इसे मंगाया गया था, लेकिन मुखिया ले नहीं गए। वर्तमान बीडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि यह किस योजना का है। कब और क्यों यहां रखा गया है। इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इसकी छानबीन की जाएगी। इसके बाद ही कुछ किया या इसके बारे में बताया जा सकता है।

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