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  • 4000 Applications For Food License Pending, People Are Going Round For Nine Months; The Reason Given For Computer Failure, But The Cover Of 3 Freezers Found For Keeping Samples Was Not Even Removed In 2 Months

खाद्य सुरक्षा कार्यालय:फूड लाइसेंस के 4000 आवेदन पेंडिंग, नौ माह से चक्कर काट रहे लाेग; कंप्यूटर खराब हाेने काे बताते वजह, पर सैंपल रखने काे मिले 3 फ्रीजर का 2 माह में कवर भी नहीं हटाया

मुजफ्फरपुर2 महीने पहले
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सदर अस्पताल स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय में 9 महीने से फूड लाइसेंस नहीं बन रहा। पेंडिंग आवेदनाें की संख्या 4000 के करीब पहुंच गई है। इस वजह से आवेदन दिए लाेग परेशान हैं। सैकड़ाें लाेग हर दिन कार्यालय आकर निराश लाैट जाते हैं, कभी अधिकारी नहीं मिलते ताे कभी कंप्यूटर खराब हाेने की बात कही जाती है।

इस कारण आए दिन हंगामा भी हाेता रहता है। मंगलवार को भी एक दर्जन से अधिक आवेदक कार्यालय पहुंचे। उन्हें जब काेई जानकारी नहीं दी गई ताे वे आक्राेशित हाे गए। लाेगाें का कहना था कि कार्यालय में खाद्य संरक्षा अधिकारी कभी नहीं मिलते हैं।

एक कर्मी रहते हैं जाे या ताे कुछ बताते नहीं या अगली बार आने की बात कहते हैं। कई आवेदकों का आरोप है कि जनवरी से उन लोगों ने आवेदन कर रखा है, लेकिन लाइसेंस नहीं बना। कई लाेगाें ने ताे ये भी कहा कि खाद्य संरक्षा अधिकारी से कार्यालय में भेंट हाेती नहीं और वे फोन पर बात नहीं करते हैं।

खाद्य संरक्षा अधिकारी के 2 जिलों के प्रभार में रहने का भी देते हैं हवाला
इतनी बड़ी संख्या में लाइसेंस के आवेदन लंबित रहने की वजह पूछने पर 9 माह से कंप्यूटर खराब व जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 2 जिलाें के प्रभार में हाेने का हवाला दिया जाता है। पर, कार्यालय की स्थिति ये है कि खाद्य सामग्री का सैंपल सुरक्षित रखने के लिए मुख्यालय से मिले 3 डीप फ्रीजर का इस्तेमाल ताे दूर अब तक कवर भी नहीं हटा है।

इस डीप फ्रीजर में मछली, दूध, घी, मिठाई, हरी सब्जी आदि जल्दी खराब हाेनेवाले सामान का सैंपल रखना है। लेकिन, चूंकि जांच भी खास पर्व-त्याेहाराें में ही हाेती है, इस कारण डीप फ्रीजर बेकार पड़ा है।

खाद्य पदार्थ से संबंधित काेई भी दुकान खाेलने अथवा निर्माण के लिए फूड सेफ्टी एक्ट के तहत लाइसेंस है जरूरी, पर ऐसे ही चल रहीं हजारों दुकानें
खाद्य पदार्थ से संबंधित काेई भी दुकान खाेलने या निर्माण करने के लिए फूड सेफ्टी एक्ट के प्रावधानाें के तहत खाद्य सुरक्षा कार्यालय से लाइसेंस लेना जरूरी हाेता है। इसके लिए आवेदक ऑनलाइन फाॅर्म भरते हैं। विभाग की ओर से निर्धारित चालान जमा करते हैं।

उसके बाद जिलास्तरीय टीम के वेरिफिकेशन के बाद लाइसेंस निर्गत करना है। खुदरा या थाेक दुकान चलाने के लिए प्रतिवर्ष 2000 व मैन्यूफैक्चरिंग के लिए 3000 रुपए चार्ज लगता है। लेकिन, आवेदन पेंडिंग रहने की वजह से सैकड़ाें दुकानें बिना लाइसेंस के ही चल रही हैं।

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