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परेशानी:150 छोटे सिलेंडरों के भरोसे 5500 मरीज, किट भी कम; होम आइसोलेट मरीज एजेंसी पर निर्भर

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • जेंसी संचालकों का कहना है कि उन लोगों को भी 30-35 सिलेंडर सप्लाई होती है

जिले में संक्रमित तकरीबन 5500 मरीजों की सांसें महज 150 छोटा सिलेंडर पर चल रही हैं। घरों में इलाज करा रहे इन मरीजों के परिजनों को गैस एजेंसियों से भी ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। जिले के दो ऑक्सीजन प्लांट से उत्पादित ऑक्सीजन फिलहाल हॉस्पिटलों में ही सप्लाई हो रही है। जबकि हॉस्पिटलों में 335 मरीज भर्ती हैं। बाकी मरीज होम आइसोलेशन में ही हैं। एजेंसी संचालकों का कहना है कि उनलोगों को भी 30-35 सिलेंडर सप्लाई होती है।

लेकिन, यह भी हॉस्पिटल ही मंगा ले रहे हैं। आम लोगों के लिए ऑक्सीजन या सिलेंडर नहीं होने के कारण दुकान बंद करनी पड़ी है। पिछले 15 दिनों से यही स्थिति है। मरीज के परिजन हर दिन सिलेंडर लेकर एजेंसी की दुकान का चक्कर लगाकर लौट जा रहे हैं। हालात यह है कि ऐसे वक्त में घरों में इलाज करा रहे मरीजों की सांसें सिर्फ बेला स्थित एसबीजी गैस प्लांट पर ही टिकी है। प्लांट में बड़े सिलेंडर के साथ हर दिन औसत 150 छोटे सिलेंडर की रिफिलिंग होती है, जिसे प्लांट संचालक लोगों को इलाज कर रहे चिकित्सक की पर्ची दिखाने पर देते हैं।

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