पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुजफ्फरपुर:सकरा में 65 फाइलेरिया रोगी एक ही गांव सरमस्तपुर में 40, गोष्ठी में डब्ल्यूएचओ की टीम नहीं आने से निराश हुए लाेग

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पीड़िताें ने कहा- दिव्यांगता का प्रमाण पत्र देते हुए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए

(जीत लाल नूतन) सरकार की ओर से फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं, फिर भी इस बीमारी से पीड़ित महिलाएं व पुरुष लगातार पाए जा रहे हैं। मंगलवार को सरमस्तपुर पुस्तकालय के प्रांगण में फाइलेरिया पीड़ितों की समस्याओं के निदान के लिए कृष्ण देव प्रसाद की अध्यक्षता में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सकरा प्रखंड की 7 पंचायतों से कुल 65 फाइलेरिया पीड़ित लोग जुटे।

पीड़ितों में सर्वाधिक सरमस्तपुर गांव के 40 लोग शामिल थे। सभी को डब्ल्यूएचओ की टीम की आने की सूचना आयोजक के माध्यम से दी गई थी, परंतु डब्ल्यूएचओ की कोई टीम नहीं आ सकी। सरमस्तपुर की मंजू देवी व राधा देवी, पैगंबरपुर की मीना देवी, बेझा के राज नारायण राय व रिंकू देवी, सकरा फरीदपुर के बिंदेश्वर महतो, केशोपुर की जहांआरा, मझौलिया के संजीत ठाकुर, मिश्रौलिया के गणेश महतो, रामपुर कृष्ण के बबलू साह, चंपापुर की सरिता कुमारी आदि का कहना था कि इस बीमारी के कारण हम लोगों को कई प्रकार की परेशानियों की सामना करना पड़ता है।

कम से कम इसके उचित उपचार के लिए जिले में एक विशेष हॉस्पिटल बनाया जाना चाहिए। हमलोगों को उचित उपचार नहीं मिल पाता है, जिससे बीमारी गंभीर होती चली जा रही है। व्यवस्थापक कृष्ण देव प्रसाद ने कहा कि केरला के एआईडी संस्था में मैं एक साल से इलाज करवा रहा हूं। मेरा पांव 98 सेमी के रेडियस में फूल गया था। इलाज के बाद 52 सेमी के रेडियस में आ गया और लगातार राहत महसूस हो रही है। इसलिए मैंने बीड़ा उठाया है कि यही लाभ हमारे राज्य के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सके।

पूर्व मुखिया साधु शरण प्रसाद, स्थानीय डॉक्टर हरिदेव प्रसाद, दिव्य प्रकाश, रौशन कुमार आदि ने कहा कि किसी व्यक्ति की एक अंगुली कट जाती है तो उसे दिव्यांगता का सर्टिफिकेट देकर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, परंतु फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से पूरे पैर ही असहज हो जाते हैं, फिर भी दिव्यांगता का प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है। हम लोग सरकार से मांग करते हैं कि सभी फाइलेरिया पीड़ितों को दिव्यांगता का प्रमाण पत्र देते हुए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।

बाेले रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
रेफरल अस्पताल सकरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मसीहुद्दीन ने कहा कि वर्तमान में मरीजों की जो संख्या सामने आई है, वे पूर्व से ही ग्रसित हैं। स्थानीय स्तर पर मरीजाें के लिए नॉर्मल दवाई ही उपलब्ध है, यहां विशेष उपचार की व्यवस्था नहीं है। फाइलेरिया दिवस पर 60 वर्ष के नीचे के सभी उम्र के लोगों को अभियान चलाकर दवा खिलाया जाता है।

फाइलेरिया एक प्रकार के एलीफेंटिटिस यानी श्लीपद ज्वर एक परजीवी के कारण फैलता है, जो कि मच्छर के काटने से शरीर के अंदर प्रवेश करता है। शरीर में इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देता है। हाथ, पांव, अंडकोष, छाती में सूजन दिखाई देता है। इसे फील पाव या हाथीपांव भी कहा जाता है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज भविष्य को लेकर कुछ योजनाएं क्रियान्वित होंगी। ईश्वर के आशीर्वाद से आप उपलब्धियां भी हासिल कर लेंगे। अभी का किया हुआ परिश्रम आगे चलकर लाभ देगा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के ल...

और पढ़ें