संकट / गंडक के बाद अब बूढ़ी गंडक के जलस्तर में तेजी से वृद्धि बागमती का पानी कटरा के दो गांवों में घुसा, अफरातफरी

After Gandak, rapid rise in water level of old Gandak, Bagmati water entered two villages of Katra, Afratfari
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After Gandak, rapid rise in water level of old Gandak, Bagmati water entered two villages of Katra, Afratfari

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

मुजफ्फरपुर/कटरा. नेपाल समेत उत्तर बिहार में जारी बारिश के कारण जिले से गुजरने वाली गंडक के बाद बूढ़ी गंडक के जलस्तर में मंगलवार काे वृद्धि हुई, जबकि बागमती नदी की मुख्यधारा बकुची व उपधारा बसघट्टा के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि के साथ ही देर रात में कटरा के दाे गांवाें में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। अफरातफरी के बीच गांववासी अपने सामान के साथ ऊंचे स्थानाें के लिए निकल गए। इधर, वाल्मीकिनगर गंडक बराज से बढ़ते क्रम में गंडक नदी में 90.6 हजार क्यूसेक पानी छाेड़े जाने से रेवाघाट में वृद्धि जारी है।

मंगलवार काे 24 घंटे में बूढ़ी गंडक के जलस्तर में 1 मीटर की वृद्धि हाेने के बाद भी जलस्तर खतरे के निशान से 5.53 मीटर नीचे है। इसके साथ ही बागमती के जलस्तर में लगातार कमी zीने के बाद भी कटाैझा में बागमती नदी लाल निशान पर बह रही है। पिछले 24 घंटे में लगभग 1 मीटर जलस्तर घटने का रिकॉर्ड हुआ है। उत्तर बिहार में जारी बारिश के कारण नेपाल से गुजरने वाली सभी नदियों के जलस्तर में वृद्धि लगातार हाे रही है। गंडक नदी रेवाघाट में खतरे के निशान से एक मीटर नीचे 53.30 मीटर पर बह रही है। इसी प्रकार बूढ़ी गंडक का जलस्तर शहर के सिकंदरपुर में तेजी से वृद्धि के साथ 47.01 मीटर पर है। हालांकि, सिकंदरपुर में खतरे का निशान 52.53 मीटर पर है। साहेबगंज में खेतों में फैलने लगा है गंडक नदी का पानी गंडक नदी का जलस्तर बढ़कर साहेबगंज के खेतों में फैलने लगा है। इससे किसान भयभीत हो गए हैं। 

ध्वस्त पुल के ऊपर बना चचरी पुल राहगीराें के दबाव के कारण धंसा, मजदूरों ने किया ठीक

कटरा में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। एक तरफ बकुची पीपा पुल के दोनों छोर पानी का दबाव बना है। वहीं दूसरी ओर बसघट्टा मेें ध्वस्त आठ करोड़ के पुल के ऊपर बनाई गई चचरी पुल राहगीराें के दबाव के कारण धंस गया था। दर्जनों मजदूराें ने धंसे भाग काे ऊपर उठा कर आवागमन सुचारू किया। इधर, डीएम के आदेश के बाद जल संसाधन विभाग के अभियंता भारती कुमार, इंद्रजीत सिंह समेत अन्य की मौजूदगी में पतारी में कई वर्षाें से टूटे बागमती बांध एक हिस्से की मरम्मत की गई।

इधर, जल संसाधन विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर श्री निवास कुमार के नेतृत्व में टीम ने परियोजना बांध के खंगुरा सीमा एवं मोहनपुर सीमा पर निर्मित स्लुइस गेट  से पानी के हाे रहे रिसाव का निरीक्षण किया। इसे अविलंब बंद करने का आदेश कनीय अभियंता काे दिया। अभियंता ने मरम्मत के लिए तैनात ठेकेदार पिन्टू सिंह को फोन कर कार्य की गुणवत्ता मंे सुधार लाने अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी। दूसरी ओर सीओ सुबोध कुमार ने बसघट्टा मुखिया रामबहादुर संग बसघट्टा-पहसौल के बीच जर्जर सड़क का मुआयना किया।

परियाेजना बांध के भीतर के लाेगाें की मुश्किलें बढ़ गई

परियोजना उत्तरी तटबंध के समानांतर उप धारा में पानी का बहाव मुख्य धारा की अपेक्षा तेज हो रहा है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। क्षेत्र में बहने वाली अन्य सहायक नदियों के जलस्तर में अब तक किसी प्रकार की वृद्धि के संकेत नहीं है। बागमती परियोजना दोनों बांध के बीच रह रहे बभनगामा पश्चिमी, हरनी टोला, राघोपुर, तरवन्ना, मधुबन प्रताप, बाड़ा, महुआरा, बेनीपुर मूलगांव समेत कई गांव के लोगों की मुश्किलें अब तक यथावत है। अभी उनके गंतव्य तक जाने के लिए केवल नाव ही सहारा है, जबकि बभनगामा पश्चिमी के निकट चचरी पुल होकर लोग आ-जा रहे हैं।

डुमरी में जर्जर और कीचड़मय बांध पर फंस गई अभियंता की गाड़ी, ट्रैक्टर से खींचा गया

बोचहां विधायक बेबी कुमारी ने मंगलवार की दोपहर में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों संग बूढ़ी गंडक नदी के जर्जर तटबंधाें का निरीक्षण किया। डुमरी केवट टोला स्कूल के पास बांध पर कीचड़ में कार्यपालक अभियंता का वाहन फंस गया। ट्रैक्टर से खिंचवा कर वाहन को काफी मशक्कत के बाद निकाला गया। कार्यपालक अभियंता विमल कुमार नीरज ने बताया कि बूढ़ी गंडक बांध का तटबंध चलने लायक नहीं है।

विभाग से इसकी मरम्मत कर चलने लायक बनवाने की अनुशंसा की जाएगी, जबकि विधायक बेबी कुमारी ने इस मामले में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव से फोन पर बात की ओर कहा कि इस तटबंध को पक्का बनाया जाए। इससे पूर्व विधायक बेबी कुमारी सबसे पहले रजवाड़ा स्लुइस गेट पर पहुंची, जहां 2017 में बांध टूटा था। विधायक ने वहां पर राबिश रखवाकर चलने लायक बनवाने का निर्देश दिया। उसके बाद बुधनगरा पहुंची, जहां बांध पर कीचड़ में राबिश रखा जा रहा था। इस दाैरान पूर्व जिला पार्षद मुक्तेश्वर प्रसाद सिंह आदि थे। 

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