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साइकिल से रवाना हुए SSB के 70 जवान:आजादी के 75वें वर्ष पूरा होने पर मनाया जा रहा अमृत महोत्सव, मुजफ्फरपुर सेक्टर कार्यालय में हुआ स्वागत

मुजफ्फरपुर6 दिन पहले
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ये जवान साइकिल से असम के तेजपुर, गुवाहाटी, सिलीगुड़ी और पटना होते हुए यहां पहुंचे। - Dainik Bhaskar
ये जवान साइकिल से असम के तेजपुर, गुवाहाटी, सिलीगुड़ी और पटना होते हुए यहां पहुंचे।

मुजफ्फरपुर देश की आजादी के 75वें वर्ष पूरा होना पर अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर पर SSB के 70 जवानों का काफिला मुजफ्फरपुर स्थित उमानगर सेक्टर कार्यालय पहुंचा। ये जवान साइकिल से असम के तेजपुर, गुवाहाटी, सिलीगुड़ी और पटना होते हुए यहां पहुंचे। मौके पर मौजूद भाजपा सांसद अजय निषाद, तिरहुत रेंज ले आईजी गणेश कुमार, SSB DIG ट्रेनिंग सुपौल, राजीव राणा, CRPF DIG रामकुमार ने और अन्य अधिकारियों के इनका स्वागत किया। इसके बाद हरी झंडी दिखाकर यहां से रवाना किया गया। हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बताया गया कि ये जवान मोतिहारी होते हुए महाराजगंज, अयोध्या, मथूरा, लखनऊ, फरीदाबाद होते 02 अक्टूबर को राजघाट दिल्ली पहुंचेंगे। वहां गृहमंत्री अमित शाह द्वारा स्वागत किया जाएगा।

अमन और चैन कायम रखना उद्देश्य

संसद अजय निषाद ने अफगानिस्तान की घटना का जिक्र करते हुए कहा वहां किसी अशांति है। ये पूरा विश्व देख रहा है। हमारे जवानों ने ये साइकिल रैली निकालकर देश को गौरवांवित किया है। इसका उद्देश्य देश मे अमन और शांति कायम करना है। साइकिल रैली के साथ SSB के एडम प्रशासन भी चल रहे हैं, जो उनको सपोर्ट दे रहा है।

2384 किलोमीटर की यात्रा

बता दें कि, आजादी के अमृत महोत्सव के संदेश को जन जन तक पहुंचाने के लिए SSB के हर सेक्टर मुख्यालय से पूरे देश में साइकिल रैली का आयोजन किया गया। साइकिल रैली में शामिल जवान व अधिकारी 2384 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर दिल्ली पहुंचेंगे। शुक्रवार को एक टीम दरभंगा होकर मुजफ्फरपुर पहुंची थी। शनिवार को साइकिल रैली की दूसरी टीम भी यहां पहुंची थी। दोनों टीम यहां से मोतिहारी के लिए रविवार को रवाना हो गई।

बॉर्डर पर चल रहा संयुक्त अभियान

SSB ट्रेनिंग सुपौल राजीव राणा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बॉर्डर पर SSB ह्यूमन ट्रैफिकिंग और तस्करी रोकने के लिए पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त रूप से अभियान चला रही है। इसका बहुत बेहतर परिणाम देखने को मिल रहा है। इंडो-नेपाल बॉर्डर के रास्ते अक्सर तस्करी की बात सामने आती थी। जिसे काफी हद तक कंट्रोल किया गया है। जवानों से लगातार समन्वय स्थापित किया जाता है।

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